Knews Desk- महाराष्ट्र के लोनावला स्थित लोहागढ़ किले में हुए 26 वर्षीय केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब मुख्य आरोपी और मृतक की मंगेतर सिया गोयल ने पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए पुलिस को लिखित सहमति दे दी है। पुलिस को शक है कि इस केस में अहम डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है, खासकर केतन के मोबाइल फोन को लेकर।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से केतन अग्रवाल को कथित तौर पर नीचे धकेल दिया गया था। घटना के बाद केतन का मोबाइल फोन कुछ समय तक सिया गोयल के पास रहा। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस दौरान फोन से कुछ महत्वपूर्ण चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत हटाए गए हो सकते हैं। बाद में यह मोबाइल फोन केतन के परिवार को सौंप दिया गया था। पुणे ग्रामीण पुलिस अब इस मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी में है, ताकि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि फोन के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई है या नहीं।
इस बीच, सिया गोयल के वकील ने पुष्टि की है कि उनकी मुवक्किल ने पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी भी आरोपी के लिए ऐसे साइंटिफिक टेस्ट के लिए सहमति आवश्यक होती है। पुलिस का मानना है कि इस टेस्ट से जांच में अहम खुलासे हो सकते हैं, खासकर सिया के बयानों में लगातार हो रहे बदलावों को देखते हुए। जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल और उसके कथित साथी चेतन चौधरी पर पहले से ही केतन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर केतन को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के बहाने बुलाया और उसे पहाड़ी से धक्का दे दिया। घटना के पीछे कथित रूप से प्रेम संबंध और अफेयर के खुलासे का डर बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, केतन और सिया की शादी नवंबर 2026 में होने वाली थी। दोनों परिवारों ने इस शादी के लिए जयपुर में लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य महल भी बुक किया था। हालांकि, जांच में सामने आया है कि सिया का पहले से ही चेतन चौधरी के साथ संबंध था, जिसकी जानकारी केतन को हो गई थी। इसी तनाव के चलते यह पूरी साजिश रची गई होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस ने इससे पहले घटनास्थल पर क्राइम सीन री-क्रिएशन भी कराया था, जिसमें आरोपियों की मौजूदगी में पूरी घटना को दोहराया गया। इसके साथ ही जांच को मजबूत करने के लिए गेट एनालिसिस (चाल-ढाल का वैज्ञानिक अध्ययन) कराने की भी योजना है, ताकि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि की जा सके।
फिलहाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों पुलिस रिमांड में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा रिकवरी और साइंटिफिक टेस्ट के बाद इस हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।