लखनऊ कोचिंग अग्निकांड अब हाईकोर्ट पहुंचा, अधिवक्ता ने चीफ जस्टिस को भेजी पत्र याचिका

डिजिटल डेस्क- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 15 मासूम छात्रों की जान लेने वाले दर्दनाक अग्निकांड की गूंज अब देश के सबसे बड़े उच्च न्यायालय तक पहुंच गई है। अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक पत्र याचिका दाखिल कर चीफ जस्टिस से इस पूरे मामले पर स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है। याचिका में प्रदेश भर के कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों की सरेआम हो रही अनदेखी पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “राज्य में लगातार हो रहे अग्निकांड प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता सबूत हैं। माता-पिता अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए उन्हें कोचिंग भेजते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की घोर लापरवाही के कारण कई हंसते-खेलते परिवार एक झटके में उजड़ जाते हैं।” याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में आग जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन और त्वरित ‘एक्शन प्लान’ जारी करने का निर्देश सरकार को दे।

इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं: बेसमेंट में मौत का खेल

याचिका में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि राज्य के अधिकांश कोचिंग संस्थान और व्यावसायिक गतिविधियां ऐसे संकरे मकानों और बेसमेंट में चल रही हैं, जहाँ आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने के लिए ‘इमरजेंसी एग्जिट’ (आपातकालीन निकास) जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। अलीगंज हादसे में भी 16 से 25 साल के 15 युवाओं की मौत की मुख्य वजह यही थी कि आग इतनी तेजी से फैली कि बच्चों को बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं मिल सका।

10 साल से चल रहा था खेल? 2016 में ही जारी हुआ था ध्वस्तीकरण का आदेश

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) की जांच में हुआ है। वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक, जिस इमारत में यह भीषण हादसा हुआ, वह पूरी तरह अवैध थी और साल 2016 में ही उसे ढहाने (बुलडोजर चलाने) का आदेश जारी कर दिया गया था। हालांकि, बाद में भ्रष्ट कड़ियों के चलते उस आदेश को निरस्त कर दिया गया और अवैध तरीके से कोचिंग का संचालन होता रहा। एलडीए वीसी ने बताया कि अब बिल्डिंग के मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, जिसके तुरंत बाद इस अवैध इमारत को पूरी तरह जमींदोज (बुलडोजर एक्शन) कर दिया जाएगा।

पूरे प्रदेश में महा-छापेमारी: 45 से ज्यादा संस्थान और होटल सील

हादसे से जागी सरकार और प्रशासन इस समय पूरे उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहे हैं। अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Standards) का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अब तक राज्य भर में 45 से अधिक कोचिंग सेंटरों, होटलों और व्यावसायिक परिसरों को सील किया जा चुका है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सभी मानक पूरे नहीं होंगे, किसी भी संस्थान को दोबारा खुलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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