KNEWS DESK – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। रसोई गैस यानी एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से कई शहरों में गैस की किल्लत हो गई है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को लोकसभा में विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। वहीं दूसरी ओर, गैस की कमी का असर आम लोगों से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीनों तक साफ दिखाई दे रहा है।
कई शहरों में गैस की भारी कमी
देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने के कारण लोग परेशान हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बिहार, भोपाल और चंडीगढ़ जैसे शहरों में लोग घंटों तक इंतजार कर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी कई जगह काम नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण लोगों को सीधे गैस एजेंसियों पर जाकर सिलेंडर लेने की मजबूरी हो रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट कैंटीन में मेन कोर्स बंद
गैस की कमी का असर राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिला। दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में एलपीजी खत्म होने के कारण मेन कोर्स बंद करना पड़ा। कैंटीन प्रबंधन ने बताया कि जब तक गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट जैसे हल्के खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध रहेंगे।
अयोध्या में राम रसोई बंद
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी गैस संकट का असर देखने को मिला है। राम मंदिर के पास अमावा मंदिर में संचालित श्री राम रसोई में भोजन वितरण को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। गैस की गंभीर कमी के कारण रसोई का संचालन फिलहाल बंद करना पड़ा है।
चेन्नई में मेन्यू में कटौती
दक्षिण भारत में भी स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं है। चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में कई होटलों और रेस्टोरेंट्स को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को छुट्टी देनी पड़ी।
चेन्नई के एक होटल मालिक ने बताया कि उन्होंने इडली, सांभर और वड़ा जैसे सीमित व्यंजन ही बनाए हैं, जबकि डोसे की कई वैराइटी को मेन्यू से हटाना पड़ा है क्योंकि इन व्यंजनों को बनाने के लिए गैस की लगातार आपूर्ति जरूरी होती है।
रेलवे कैटरिंग पर भी असर
गैस संकट का असर ट्रेनों में मिलने वाले खाने पर भी पड़ सकता है। आईआरसीटीसी ने इस स्थिति को देखते हुए रेलवे स्टेशनों की कैटरिंग यूनिट्स को वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
कैटरिंग यूनिट्स को माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकटॉप जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल करने और जरूरत पड़ने पर रेडी-टू-ईट फूड का स्टॉक रखने को कहा गया है।
इंडक्शन कुकटॉप अपनाने की सलाह
इस बीच छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को पैनिक बाइंग से बचने की सलाह दी है। एसोसिएशन ने कहा है कि गैस की कमी को देखते हुए इंडक्शन कुकटॉप, हॉट प्लेट और राइस कुकर जैसे इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए।