रक्षाबंधन पर UP रोडवेज की फ्री सहयात्री योजना में खेल! अनजान पुरुषों को दिए जा रहे जीरो रुपये के टिकट

KNEWS DESK- रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। नियमों के मुताबिक, यह सुविधा राखी बांधने या त्योहार मनाने के लिए यात्रा कर रही महिला और उसके एक सहयात्री परिवार के सदस्य को दी जानी है। लेकिन आरोप है कि कई जगहों पर योजना का लाभ वास्तविक पात्र यात्रियों के बजाय ऐसे लोगों को भी दिया जा रहा है, जिनका संबंधित महिला से कोई पारिवारिक संबंध नहीं है।

जमीनी स्तर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस तरह की कथित गड़बड़ी उन रूटों पर ज्यादा देखने को मिल रही है, जहां बड़ी संख्या में दैनिक यात्री बसों से सफर करते हैं। आरोप है कि कुछ परिचालक टिकटिंग मशीन का इस्तेमाल कर महिलाओं के साथ यात्रा कर रहे अनजान पुरुष यात्रियों को भी उनका पारिवारिक सहयात्री दर्ज कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि बस में किसी अकेली महिला यात्री के सवार होने के बाद उसके आसपास बैठे या खड़े किसी पुरुष को बिना पर्याप्त पुष्टि के सहयात्री के तौर पर दर्ज कर दिया जाता है। इसके बाद टिकटिंग मशीन से उस पुरुष यात्री के लिए भी शून्य रुपये का टिकट जारी कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में महिला और पुरुष के बीच वास्तविक संबंध की पुष्टि किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

आरोप यह भी है कि मुफ्त टिकट मिलने के कारण कुछ पुरुष यात्री भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाने के बजाय इसका लाभ उठा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग समुदायों के पुरुष यात्रियों को भी कथित तौर पर इस तरह के जीरो मूल्य वाले टिकट दिए गए हैं। इससे योजना के वास्तविक उद्देश्य और इसके क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रक्षाबंधन जैसे त्योहार के दौरान रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। परिवहन निगम को अतिरिक्त बसों के संचालन से राजस्व बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में अपात्र यात्रियों को मुफ्त यात्रा कराई जा रही है, तो इससे निगम को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

एक ही बस में कई ऐसे यात्रियों के मुफ्त यात्रा करने के आरोप सामने आए हैं, जिनका महिला यात्रियों से कोई पारिवारिक संबंध नहीं बताया जा रहा है। इससे टिकटिंग व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

यदि इस कथित फर्जीवाड़े पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो रक्षाबंधन के विशेष अभियान के दौरान परिवहन निगम को भारी राजस्व नुकसान हो सकता है। अब जरूरत इस बात की है कि टिकटिंग मशीन से जारी किए गए शून्य मूल्य वाले टिकटों की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि मुफ्त यात्रा की सुविधा केवल नियमों के तहत पात्र महिलाओं और उनके वास्तविक सहयात्रियों को ही मिले।

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