KNEWS DESK- ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर अब भी सख्त बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा। इतना ही नहीं, ट्रंप ने आवश्यकता पड़ने पर ईरान की धरती पर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर हालात की मांग हुई तो अमेरिकी सेना को सीधे ईरान में उतारने में उन्हें कोई हिचक नहीं होगी। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर तक कार्रवाई करने को तैयार है।
ट्रंप ने अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के पीछे की रणनीति भी स्पष्ट की। उनके मुताबिक इस अभियान के चार प्रमुख उद्देश्य हैं, जिनमें सबसे अहम है ईरान की मिसाइल क्षमताओं को निष्क्रिय करना।
उन्होंने कहा कि ईरान की मौजूदा मिसाइल प्रणाली को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही, उसकी उन्नत और नई मिसाइलें विकसित करने की क्षमता को भी खत्म किया जा रहा है। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई लगातार जारी है और इसके परिणाम हर घंटे दिखाई दे रहे हैं।
सैन्य अभियान की अवधि को लेकर भी ट्रंप ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में चार से पांच हफ्तों का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब स्थिति तय समय-सीमा से आगे बढ़ चुकी है।
उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम इससे ज्यादा समय तक कार्रवाई जारी रख सकते हैं। चाहे जितना भी समय लगे, हम अपने लक्ष्यों को पूरा करेंगे।”
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण और संभावित कूटनीतिक चुनौतियों की ओर संकेत करता है।