KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष और संभावित बगावत की चर्चाओं के बीच दिल्ली में हुई एक बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीएमसी के कई सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की, जिसके बाद पार्टी में संभावित टूट की अटकलें और तेज हो गई हैं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में टीएमसी के कई सांसद मौजूद थे। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी बैठक में शामिल थे। हालांकि, बैठक को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटनाक्रम के बीच टीएमसी को एक और झटका तब लगा जब राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली में विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा ले रही हैं।
सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष पनप रहा है, जो अब खुलकर सामने आने लगा है। वहीं टीएमसी की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की 17 सीटों में से 13 सीटें टीएमसी के पास हैं। ऐसे में यदि भविष्य में और सांसद पार्टी छोड़ते हैं, तो इसका असर राज्य की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें टीएमसी नेतृत्व और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।