अमेरिका का बड़ा ऐलान, ईरान के सुप्रीम लीडर और अधिकारियों की जानकारी पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम

KNEWS DESK- अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के कई शीर्ष नेताओं की जानकारी देने वालों के लिए बड़ा इनाम घोषित किया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की गई है।

अमेरिकी डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस द्वारा जारी एक बैनर में ईरान के कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के अलावा उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ रहे अली असगर हेजजी, शीर्ष सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani, वरिष्ठ सैन्य सलाहकार याह्या रहीम सफवी, गृह मंत्री स्कंदर मोमेनी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं।

इसके अलावा बैनर में चार अन्य अहम पदों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें सुप्रीम डिफेंस काउंसिल के सेक्रेटरी, सुप्रीम लीडर के मिलिट्री ऑफिस के प्रमुख, Islamic Revolutionary Guard Corps के कमांडर-इन-चीफ और सुप्रीम लीडर के एक सलाहकार शामिल हैं। अमेरिका ने इन सभी को वैश्विक स्तर पर अशांति फैलाने वाला करार दिया है।

‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के मुताबिक, इन नेताओं के बारे में जानकारी देने वाले लोग एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म या टोर नेटवर्क आधारित सुरक्षित कम्युनिकेशन चैनल के जरिए संपर्क कर सकते हैं। सही और उपयोगी जानकारी देने वालों को 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा।

अमेरिका की यह घोषणा ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका और Israel के गठबंधन ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है। इन हमलों में ईरान में अब तक एक हजार से अधिक लोगों की मौत होने की खबर है।

इसी संघर्ष के बीच ईरान में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है। हाल ही में Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। उन्हें अपने पिता और लंबे समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे Ali Khamenei की जगह यह पद मिला है, जिनकी 28 फरवरी को तेहरान में इजरायली हमले में मौत हो गई थी।

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई एक धर्मगुरु हैं और उन्हें 2022 में अयातुल्ला की उपाधि दी गई थी। वह 1979 की Iranian Revolution के बाद ईरान के तीसरे सुप्रीम लीडर बने हैं। इससे पहले 1979 में Ruhollah Khomeini देश के पहले सुप्रीम लीडर बने थे और 1989 में उनके निधन के बाद अली खामेनेई ने यह पद संभाला था।

वहीं, अमेरिका के निशाने पर आए Ali Larijani भी ईरान की नई सत्ता संरचना में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अली खामेनेई की मौत के बाद वह ईरान की सुरक्षा रणनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए हैं। प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले लारीजानी को वर्ष 2009 में टाइम पत्रिका ने ‘ईरान का केनेडी’ भी कहा था।

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