प्रयागराज में पुरानी भर्ती नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर TGT-PGT अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। गुरुवार रात अभ्यर्थियों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया और चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 26 अक्टूबर को शिक्षा निदेशालय का घेराव किया जाएगा।
Knews Desk- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार रात कैंडल मार्च निकाला। इसके बाद बख्शी बांध पर बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की गई। अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
छात्र नेता आशुतोष पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद ही अभ्यर्थियों ने अपना आमरण अनशन समाप्त किया था। इसके अलावा जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त ने भी उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया था। हालांकि, अभ्यर्थियों का आरोप है कि अब तक पुरानी नियमावली बहाल नहीं की गई है और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं मिला है।
अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री स्वयं उनकी मांगों पर आश्वासन दे चुके हैं, तो फिर अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। आशुतोष पांडेय के मुताबिक, TGT भर्ती से जुड़ी राहत की खबर आने के बावजूद पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली लागू की जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासनों के अनुरूप समस्याओं का समाधान किया जाए और अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिले।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 26 अक्टूबर को शिक्षा निदेशालय का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।