Knews Desk– सुप्रीम कोर्ट आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े दो मामलों की सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मामलों पर सुनवाई करेगी।
इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के नाम पर कुछ फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े करीब 14 फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
राकेश कुमार सिंह की याचिका में मांग की गई है कि चुनाव आयोग, एक बहु-सदस्यीय संस्था होने के कारण, फैसले एकतरफा तरीके से नहीं ले सकता। याचिका में CEC ज्ञानेश कुमार को अंतिम सुनवाई तक निलंबित करने की अंतरिम मांग भी की गई है। साथ ही आयोग के रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की गई है।
दूसरी याचिका अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दायर की है। इसमें कथित तौर पर एकतरफा लिए गए 14 फैसलों को रद्द करने और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग या SIT गठित करने की मांग की गई है। इसमें साइबर सुरक्षा और IT विशेषज्ञों को भी जांच में शामिल करने की मांग है।
याचिका में ECINet और ERONet डेटाबेस के फोरेंसिक ऑडिट तथा SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच की मांग भी की गई है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि किसी संस्था में चर्चा के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य है और उसके आदेश निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जारी किए जाते हैं।