सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों के दौरान पटाखों पर लागू नियमों का पालन नहीं कराने पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि आदेशों का बार-बार उल्लंघन उन्हें मजाक बनाता है। जागरूकता के लिए विराट कोहली जैसी जानी-मानी हस्तियों की मदद लेने का सुझाव भी दिया।
Knews Desk- सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों के दौरान पटाखों पर लागू नियमों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कराने के लिए दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को फटकार लगाई है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि आदेशों का पालन नहीं होने से वे केवल “अकादमिक” बनकर रह गए हैं। कोर्ट ने बार-बार हो रहे उल्लंघन को “मजाक” करार दिया।
सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि CAQM की 29 इकाइयों में से केवल नौ ही काम कर रही हैं। इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत पर जोर दिया।
बेंच ने यह भी पूछा कि क्या केवल पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध या नियम लागू करना पर्याप्त है। कोर्ट ने कहा कि व्यापारी मांग और आपूर्ति को ध्यान में रखकर अधिक से अधिक कारोबार करने की कोशिश करेंगे। ऐसे में सिर्फ बिक्री से जुड़े नियमों के भरोसे समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समस्या “रोशनी के त्योहार” से नहीं, बल्कि पटाखों से है। कोर्ट ने कहा कि पहले लोग दीये जलाते थे, जो देखने में सुंदर लगता था। आम लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना व्यावहारिक समाधान नहीं है, इसलिए जरूरी है कि मौजूदा आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए।
कोर्ट ने पटाखों से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विराट कोहली जैसी जानी-मानी हस्तियों की मदद लेने का सुझाव भी दिया। बेंच का जोर इस बात पर रहा कि नियम बनाने के साथ-साथ उनका प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता भी सुनिश्चित की जाए।