‘गुल्लक चोरी’ और ‘चावल चोरी’ के आरोपों पर सिरसा का मानहानि केस, कोर्ट में दर्ज कराया बयान

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी के नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और कुलदीप कुमार के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। यह मामला सिरसा पर लगाए गए कथित ‘गुल्लक चोरी’ और ‘चावल चोरी’ के आरोपों से जुड़ा है।

Knews Desk – दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और कुलदीप कुमार के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। यह मामला उनके खिलाफ लगाए गए कथित ‘गुल्लक चोरी’ और ‘चावल चोरी’ के आरोपों से संबंधित है।

कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। उनके मुताबिक, इन आरोपों से उनकी और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर संबंधित नेताओं को कानूनी नोटिस भी भेजे गए थे। नोटिस के जरिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी।

सिरसा ने अदालत में यह भी कहा कि ‘गुल्लक’ शब्द का सिख धर्म में धार्मिक महत्व है। उनके अनुसार, इस तरह के आरोप लगाकर उनकी धार्मिक और सामाजिक छवि को ठेस पहुंचाई गई है। कोर्ट में उनका बयान दर्ज होना मामले की कानूनी कार्यवाही का हिस्सा है। आगे की सुनवाई के दौरान अदालत संबंधित पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करेगी।

इस मामले पर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मंत्री परवेश वर्मा के उनके खिलाफ कथित झूठे मानहानि केस में विफल होने के बाद अब मनजिंदर सिंह सिरसा की बारी है कि वे एक और झूठा और बेकार मानहानि केस करें। भारद्वाज ने कहा कि ऐसे मामले उन्हें बीजेपी सरकार की जवाबदेही मांगने से नहीं रोक सकते।

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि 24 सितंबर को उन्होंने दिल्ली के गरीबों के लिए पांच करोड़ किलोग्राम सब्सिडी वाले चावल की कथित चोरी और एक निजी कंपनी को बेचने के मामले में CBI के पास एक पूरक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि चावल घोटाले में मंत्री सिरसा की कथित संलिप्तता के सबूत दिए गए हैं। भारद्वाज के मुताबिक, विभाग को लिखे अपने जवाब में सिरसा के अपने डिप्टी कमिश्नर (FCS) अरुण झा ने कई बार उनका नाम लिया है।

फिलहाल, मानहानि मामले में सिरसा का बयान दर्ज हो चुका है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *