इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। अदालत ने दोनों की सजा निलंबित कर दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, जेल से रिहाई अन्य लंबित मामलों की स्थिति पर निर्भर करेगी।
Knews Desk– दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने दोनों की आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जमानत मंजूर की और सजा निलंबित करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी।
दोनों को 17 नवंबर 2025 को इस मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उन्हें रामपुर जिला जेल भेज दिया गया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील 20 अप्रैल 2026 को खारिज हो गई थी, जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी याचिकाओं पर 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अन्य मामलों के कारण रिहाई पर संशय
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद दोनों की जेल से रिहाई अन्य लंबित मामलों पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के खिलाफ दो अन्य मामले भी लंबित हैं। यदि किसी अन्य मामले में गिरफ्तारी या रिहाई रोकने संबंधी कानूनी बाधा नहीं है, तो वे जेल से बाहर आ सकते हैं।
क्या है दो पैन कार्ड मामला?
यह मामला अब्दुल्ला आजम के कथित तौर पर दो पैन कार्ड होने से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों कार्डों में अलग-अलग जन्मतिथियां दर्ज थीं और चुनावी नामांकन से जुड़े दस्तावेजों में दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। निचली अदालत ने इसी मामले में दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले के बीच राहत
आजम खान को यह राहत ऐसे समय मिली है, जब प्रवर्तन निदेशालय ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी 426.46 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अटैच की हैं। इनकी बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और आजम खान समेत अन्य लोगों के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है।