डिजिटल डेस्क- वेनेजुएला की राजधानी कराकस में शनिवार तड़के हुए कई जोरदार धमाकों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। शहर के अलग-अलग इलाकों में एक के बाद एक धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय समय के अनुसार पहला धमाका रात करीब 1:50 बजे हुआ, जिसके बाद राजधानी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और आसमान में विमानों जैसी तेज आवाजें सुनाई देती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाकों के तुरंत बाद राष्ट्रपति भवन के आसपास सायरन बजने लगे और सड़कों पर टैंकों व बख्तरबंद वाहनों की गश्त शुरू कर दी गई। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में रात के अंधेरे में धुएं के गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अब तक इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
तटीय इलाकों, रिहायशी इलाकों और एयरपोर्ट के पास सुनी गई धमाकों की आवाज
खबरों के अनुसार, धमाकों की आवाज केवल कराकस तक सीमित नहीं रही, बल्कि तटीय इलाकों और हिगुएरोटे एयरपोर्ट के पास भी लोगों ने तेज विस्फोट सुने। इससे आशंका जताई जा रही है कि हमला किसी एक स्थान तक सीमित नहीं था। इन घटनाओं के बीच अमेरिका द्वारा अपने विमानों के लिए वेनेजुएला का पूरा हवाई क्षेत्र बंद किए जाने की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी को लेकर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि जरूरत पड़ी तो वेनेजुएला के खिलाफ ज़मीनी कार्रवाई से भी इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में कराकस में हुए धमाकों को अमेरिका से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों में दहशत, बंद किए गए स्कूल और दफ्तर
राजधानी में बढ़ी सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों के चलते आम नागरिकों में डर का माहौल है। कई इलाकों में स्कूल और दफ्तर बंद रखे गए हैं, जबकि सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, सैन्य ठिकानों और सरकारी इमारतों की सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि इन धमाकों के पीछे वास्तव में अमेरिका का हाथ साबित होता है, तो यह विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गहराएगा। रूस, चीन और ईरान जैसे देश पहले ही वेनेजुएला के समर्थन में खड़े हैं, जिससे यह संकट वैश्विक रूप ले सकता है।