हरियाणा में बिजली संकट गहराया, निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों की हड़ताल से कुरुक्षेत्र बेहाल

Knews Desk– हरियाणा में बिजली निगम के निजीकरण और निजी कंपनी को लाइसेंस जारी करने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर से तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल 24 अक्टूबर तक जारी रहेगी। पहले दिन कुरुक्षेत्र और सिरसा में कर्मचारियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। हड़ताल का असर कुरुक्षेत्र में ज्यादा देखने को मिला, जहां आधे शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, सिरसा में बिजली निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति बनाए रखने का दावा किया है।कर्मचारियों का कहना है कि बिजली व्यवस्था के निजीकरण और प्रीपेड मीटर लगाए जाने के फैसले से उपभोक्ताओं तथा कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने निजी कंपनी को जारी लाइसेंस रद्द करने और बिजली निगम के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।कुरुक्षेत्र में हड़ताल के पहले दिन बिजली संकट गंभीर नजर आया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10 बजे से शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इससे लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। बिजली नहीं होने से पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग और रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए। कार्यालय जाने वाले लोगों और विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।

स्थानीय निवासी ज्ञानचंद गर्ग ने बताया कि बिजली और पानी नहीं होने के कारण लोगों को सुबह नहाने तक के लिए पानी नहीं मिला। बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कामकाज भी प्रभावित हुए। कुछ लोगों को मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए रात में रेलवे स्टेशन जाना पड़ा। वहीं, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विशाल ने बताया कि बिजली और पानी की कमी के कारण कैंटीन में भोजन संबंधी परेशानियां हुईं और पढ़ाई पर भी असर पड़ा।बिजली विभाग यूनियन के प्रदेश सचिव दिनेश सैनी ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिजली मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के दौरान सरकार ने दो महीने का समय मांगा था, लेकिन इसके बावजूद निजीकरण की अनुमति दे दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर सांकेतिक हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है।

उधर, सिरसा में बिजली बोर्ड परिसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर 11 पावर प्राइवेट लिमिटेड को जारी लाइसेंस तत्काल रद्द करने की मांग की। बिजली कर्मचारी सुरेश कुमार ने कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देने वाले फैसले कर्मचारियों के हितों के विपरीत हैं। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जा सकता है।बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता आशुतोष कुमार पांचाल के मुताबिक, सिरसा के उपायुक्त के निर्देश पर दूसरे विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी बिजली बोर्ड में लगाई गई है। जिले के करीब 900 फीडरों में से फिलहाल 30 फीडर बंद हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल का जिले में कोई खास असर नहीं दिख रहा है।

इस बीच कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बिजली विभाग के एसई कार्यालय का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शाहाबाद और लाडवा फीडर की व्यवस्था ठीक है, जबकि पिहोवा और थानेसर के कुछ हिस्सों में दिक्कतें आई हैं। प्रशासन ने बिजली व्यवस्था सुचारू रखने और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है।

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