आरपी सिंह- राम नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के दान पात्र से कथित तौर पर धन चोरी होने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक और धार्मिक विवाद में तब्दील हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर अयोध्या की सड़कों पर ‘पोस्टर वार’ शुरू हो चुका है। समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाए जाने के बाद अब कांग्रेस भी खुलकर इस विवाद में कूद पड़ी है। शहर के प्रमुख पुष्पराज चौराहे पर कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए पोस्टर इस समय पूरी अयोध्या और प्रदेश की राजनीति में भारी चर्चा का विषय बने हुए हैं। यह ताजा पोस्टर वार उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला की ओर से शुरू किया गया है। शरद शुक्ला ने अयोध्या के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, पुष्पराज चौराहे पर बड़े-बड़े पोस्टर लगवाए हैं। इन पोस्टरों के जरिए राम मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन पर सीधा निशाना साधा गया है। इस प्रकरण को लेकर जहाँ एक तरफ राजनीतिक दलों में खींचतान मची है, वहीं अब इन पोस्टरों के जरिए जनता को एक गहरा धार्मिक संदेश देने की कोशिश भी की जा रही है।
स्कंद पुराण के दोहे से पापियों को दी चेतावनी
कांग्रेस द्वारा लगवाए गए इन पोस्टरों की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी राजनीतिक नारे के बजाय सनातन धर्म के पवित्र ग्रंथ ‘स्कंद पुराण’ के एक श्लोक (दोहे) का उल्लेख किया गया है। पोस्टर में लिखे संदेश के अनुसार, जो भी व्यक्ति मंदिर को दी गई भूमि, संपत्ति या भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान के धन को चुराता है, हड़पता है या उसका दुरुपयोग करता है, वह धर्मशास्त्रों के अनुसार महापाप का भागीदार होता है। ऐसे व्यक्ति को नरक की यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। इस दोहे के जरिए कांग्रेस ने परोक्ष रूप से उन लोगों पर तीखा हमला बोला है, जिनका नाम इस कथित चोरी में सामने आ रहा है।
सपा के बाद कांग्रेस ने संभाला मोर्चा, बढ़ी सरगर्मी
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ा यह कथित चोरी का मामला पिछले कुछ दिनों से लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मुद्दे पर सबसे पहले समाजवादी पार्टी ने सवाल खड़े किए थे और उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। अब देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के भी मैदान में उतर आने से अयोध्या की राजनीतिक सरगर्मी सातवें आसमान पर पहुंच गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को आगामी चुनावों और जनता की आस्था से जोड़कर सरकार व मंदिर प्रबंधन को घेरने की पूरी रणनीति बना रहे हैं।
मामले की जांच जारी, पोस्टर बने शहर में कौतूहल का विषय
फिलहाल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से दान पात्र से जुड़े इस कथित मामले की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही अयोध्या की दीवारों और चौराहों पर चस्पा हुए ये पोस्टर स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल और तीखी बहस का कारण बन गए हैं। आने वाले दिनों में यह ‘पोस्टर वार’ उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या नया मोड़ लेता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।