KNEWS DESK- वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी दौरे के दौरान बुधवार को भव्य और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। अपने दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और इसके बाद बच्चों से मुलाकात भी की।
प्रधानमंत्री सुबह वाराणसी के बरेका (BLW) से रवाना होकर लगभग 14 किलोमीटर लंबे मार्ग से होते हुए मंदिर पहुंचे। इस पूरे मार्ग पर जगह-जगह स्वागत प्वाइंट बनाए गए थे, जहां ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और फूलों की वर्षा के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया। मंडुआडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन, चौक सहित कई स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे।
मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही वेदमंत्रों की गूंज और डमरू वादन के बीच प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर प्रवेश किया। मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग के समक्ष पूजा-अर्चना की। इस दौरान पुजारियों ने उन्हें षोडशोपचार पद्धति से पूजा कराई, जिसमें हाथ धुलवाना, संकल्प, आह्वान और विभिन्न धार्मिक विधियों का पालन किया गया।
पूजा के दौरान प्रधानमंत्री ने गंगाजल, हल्दी जल, अक्षत और दूध से अभिषेक किया और बाबा विश्वनाथ को मंदार माला अर्पित की। इसके बाद उन्होंने पंचदीप से आरती की और मंदिर की परिक्रमा भी की। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री को त्रिशूल, डमरू और बाबा विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ संवाद भी किया।
इससे पहले मंगलवार को भी प्रधानमंत्री के आगमन पर वाराणसी में भव्य स्वागत हुआ था। गंगा घाट पर बंगाली महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने शंखनाद कर उनका स्वागत किया था, जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
मंदिर दर्शन के बाद प्रधानमंत्री का अगला कार्यक्रम हरदोई का रहा, जहां वे गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए रवाना हुए। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।