नोटिस के बावजूद नामांकन रद्द? वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने RO के फैसले को बताया गलत

KNEWS DESK- मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तनाव बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। इस फैसले पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे पूरी तरह से गलत बताया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला कानूनी रूप से गलत और पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि नटराजन के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और न ही कोई सक्रिय क्रिमिनल केस मौजूद है। सिंघवी ने कहा कि सिर्फ नोटिस जारी होने के आधार पर नामांकन रद्द करना कानून के खिलाफ है।

सिंघवी के अनुसार, जब तक किसी मामले में न्यायिक स्तर पर सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक उसे नामांकन खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित प्रकरण में अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है, इसलिए यह निर्णय गलत है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस फैसले को लोकतंत्र पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि न तो कोई FIR दर्ज है और न ही कोई मामला आधिकारिक रूप से पंजीबद्ध है। केवल नोटिस के आधार पर नामांकन रद्द करना पूरी तरह अवैधानिक है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि यह पहले से तय राजनीतिक निर्णय का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद जानबूझकर नामांकन खारिज किया गया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूरा मामला लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है और पार्टी इस फैसले के खिलाफ आगे भी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी।

फिलहाल राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

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