बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह को बड़ा झटका लगा है। बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। दोनों की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।
पार्टी की ओर से कार्रवाई के पीछे अनुशासनहीनता और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित एवं अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने को प्रमुख आधार बताया गया है। आरोप है कि अनंत सिंह ने पार्टी के निर्देशों की लगातार अवहेलना की और विधान परिषद चुनाव में JDU के उम्मीदवार के खिलाफ काम किया।
अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करना पड़ा भारी
जन सुराज पार्टी के पटना स्नातक सीट से प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार करना भी अनंत सिंह के निष्कासन की प्रमुख वजहों में शामिल बताया जा रहा है। JDU ने दूसरे दल के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने को पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना।
अनंत सिंह ने अनुज सिंह के नामांकन के दिन 50 हजार रसगुल्ले बंटवाए थे। इसके अलावा, मतगणना के दिन बांटने के लिए एक लाख लोगों की मिठाई का इंतजाम भी किया जा रहा था। अनुज सिंह के प्रचार में अनंत सिंह की सक्रियता बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान चर्चा का विषय बनी रही।

JDU ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की है। पार्टी ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया है। हालांकि, सदस्यता रद्द होने का अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।
नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात भी चर्चा में
अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के बाद JDU अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात को अनंत सिंह पर हुई कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही अनंत सिंह ने ललन सिंह को पहचानने से इनकार करते हुए कहा था कि बिहार में एक लाख लोगों के नाम ललन सिंह हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी ललन सिंह से बातचीत नहीं होती, क्योंकि वह दिल्ली में रहते हैं और अनंत सिंह पटना में।
बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह की बयानबाजी और अनुज सिंह के समर्थन में उनकी सक्रियता लगातार सुर्खियों में रही। हालांकि, मतदान समाप्त होने के अगले ही दिन JDU की कार्रवाई ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी।