KNEWS DESK- टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ने के संकेतों के बीच कंपनी के शीर्ष नेतृत्व में हलचल तेज हो गई है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी यानी NRC उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध करेगी।
चंद्रशेखरन ने 2017 में साइरस मिस्त्री के विवादित बाहर होने के बाद टाटा ग्रुप की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण, गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट और बैटरी गीगाफैक्ट्री जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम आगे बढ़ाया। ऐसे में बोर्ड मौजूदा नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने को अहम मान रहा है।
यह मामला 17 सितंबर को होने वाली टाटा संस की बोर्ड बैठक में उठ सकता है। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स पहले ही चंद्रशेखरन के पद छोड़ने के फैसले को स्वीकार कर चुका है। ऐसे में NRC और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद की स्थिति बन सकती है।
टाटा संस की लिस्टिंग भी बड़ी वजह
भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी यानी CIC का दर्जा सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी है। इसके बाद कंपनी के शेयर बाजार में अनिवार्य रूप से लिस्ट होने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे समय में चेयरमैन का बदलाव समूह के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
बोर्ड का मानना है कि संभावित लिस्टिंग के दौरान चंद्रशेखरन का अनुभव कंपनी को स्थिरता दे सकता है। हालांकि, दोबारा नियुक्ति के लिए टाटा ट्रस्ट्स का समर्थन जरूरी होगा। इसके अलावा AGM में निदेशक के तौर पर उनकी पुनर्नियुक्ति भी करानी होगी। फिलहाल ट्रस्ट से जुड़े नियामकीय विवाद के कारण यह प्रक्रिया आसान नहीं दिख रही है।