कानपुर में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 2025 बैच के सिपाही प्रांशु सचान की एंबुलेंस में ही मौत हो गई। फतेहपुर में डंपर की टक्कर से घायल प्रांशु को हैलट अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन टाटमिल चौराहे पर एंबुलेंस करीब एक घंटे तक जाम में फंसी रही। पिता के मुताबिक, टाटमिल से हैलट तक पहुंचने में करीब डेढ़ से दो घंटे लग गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की लोकतंत्र बचाओ रैली के चलते शहर में जगह-जगह भीषण जाम लगा था।
अंबेडकरनगर से सम्मन तामील कराने निकला था सिपाही
घाटमपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव निवासी प्रांशु सचान अंबेडकरनगर जिले की डांडा कोतवाली में तैनात था। मंगलवार को वह कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर और रायबरेली में सम्मन तामील कराने निकला था। रसूलाबाद और बिधनू में सम्मन तामील करने के बाद वह फतेहपुर जा रहा था। रास्ते में उसके पिता प्रमोद सचान मिल गए और दोनों बाइक से आगे रवाना हुए।
बक्सर मोड़ पर डंपर ने मारी टक्कर
फतेहपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में बक्सर मोड़ के पास पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में प्रांशु डंपर के पहिये के नीचे आकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि पिता को मामूली चोटें आईं। डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों को सीएचसी पहुंचाया, जहां से प्रांशु को हैलट रेफर कर दिया गया।
टाटमिल पर फंसी एंबुलेंस, पिता लगाते रहे गुहार
हैलट ले जाते समय एंबुलेंस टाटमिल चौराहे पर जाम में फंस गई। पिता बेटे के शरीर से निकल रहे खून को रोकने की कोशिश करते रहे। वह कभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों तो कभी भीड़ के सामने हाथ जोड़कर एंबुलेंस को रास्ता देने की गुहार लगाते रहे। पिता के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने भी रास्ता दिलाने का प्रयास किया, लेकिन भारी जाम के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
किसी तरह हैलट पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रांशु को मृत घोषित कर दिया। पिता के मुताबिक डॉक्टरों ने कहा, “सॉरी दादा, आप लाने में देर कर चुके हैं।” यह सुनकर पिता बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़े। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव मोतीपुर गांव ले जाया गया, जहां पुलिस विभाग की ओर से अंतिम सलामी दी जाएगी और इसके बाद अंतिम संस्कार होगा।