उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ सीट-शेयरिंग को लेकर बातचीत शुरू होने से पहले अहम संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में कितनी सीटें किस पार्टी को मिलती हैं, इससे ज्यादा जरूरी साझा लक्ष्य हासिल करना है।
Knews Desk- अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “जब मकसद साफ हो, तो हाथ जुड़ जाते हैं, जब नजर मंजिल पर हो, तो सफर आसान हो जाता है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गठबंधन में बात सीटों की नहीं, बल्कि जीत की है। उनके मुताबिक, गठबंधन का मकसद मिलकर काम करना और जीत सुनिश्चित करना होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने गठबंधन की लड़ाई को सांप्रदायिकता के खिलाफ बताते हुए कहा कि उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सांप्रदायिकता फिर कभी सिर न उठाए। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा को भी इस संघर्ष का अहम हिस्सा बताया। सपा अध्यक्ष ने कहा कि BJP से लोकतंत्र, संविधान या आरक्षण को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
उन्होंने देश में सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि देश में सद्भाव फिर से फलेगा-फूलेगा और देश तरक्की तथा खुशहाली की ओर आगे बढ़ेगा।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट-शेयरिंग को लेकर बातचीत अक्टूबर में शुरू होने की उम्मीद है। गठबंधन के इंचार्ज राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक, गठबंधन का ढांचा और सीटों के बंटवारे की व्यवस्था इसी महीने तय की जा सकती है।
औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले अखिलेश यादव के इस बयान को गठबंधन में शामिल दलों के लिए महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए साझा लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि सीटों की संख्या से ज्यादा अहम गठबंधन की जीत है।