मिडिल ईस्ट संकट पर भारत की प्रतिक्रिया: बातचीत और कूटनीति ही समाधान का रास्ता

Knews Desk- ईरान पर अमेरिका और इज़रायल की कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तेज हुए संघर्ष पर भारत ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। Ministry of External Affairs ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात का समाधान केवल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारत का आधिकारिक बयान साझा किया। जारी वक्तव्य में सात बिंदुओं के जरिए भारत का पक्ष रखा गया है।

बयान में कहा गया है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष की शुरुआत पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। उस समय भी सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई थी।

भारत ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान हालात और अधिक बिगड़ गए। हाल के दिनों में न सिर्फ संघर्ष की तीव्रता बढ़ी है, बल्कि इसका दायरा अन्य देशों तक फैलता दिख रहा है।

सरकार के अनुसार, हिंसा और हताहतों की संख्या में इज़ाफा हो रहा है, जिससे आम जनजीवन और आर्थिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। भारत ने दोहराया कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा बेहद अहम है, और एक जिम्मेदार पड़ोसी देश के तौर पर वह मौजूदा घटनाक्रम को लेकर बेहद चिंतित है।

भारत ने सभी संबंधित पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और बातचीत की राह अपनाने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।

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