डिजिटल डेस्क- भारत सरकार ने बुधवार को ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उनसे जल्द से जल्द देश छोड़ने की अपील की गई है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब ईरान में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव, विरोध प्रदर्शन और संभावित मिलिट्री कार्रवाई को लेकर सुरक्षा स्थितियां अस्थिर हो गई हैं। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि इस समय ईरान में मौजूद सभी भारतीय और पीआईओ नागरिकों को अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों को कमर्शियल फ्लाइट्स और अन्य उपलब्ध ट्रांसपोर्ट माध्यमों से ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है। दूतावास ने कहा कि किसी भी अशांत क्षेत्र या प्रदर्शन वाले इलाके से दूर रहें। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखने और किसी भी नए घटनाक्रम के बारे में सतर्क रहने की भी अपील की।
पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक यात्रा दस्तावेज हमेशा रखें पास
एडवाइजरी में यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी नागरिक अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक यात्रा दस्तावेज हमेशा आसानी से उपलब्ध रखें। जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास से संपर्क करना चाहिए। दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है और कई कॉन्टैक्ट नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी भी साझा की हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। विदेश मंत्रालय ने उन नागरिकों से भी अनुरोध किया है, जो अभी तक दूतावास में रजिस्टर नहीं हुए हैं, कि वे तुरंत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन पूरा करें। साथ ही भारत में परिवारों से भी कहा गया है कि अगर ईरान में इंटरनेट या संचार सेवा बाधित होती है, तो वे उनके ओर से रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें।
ईरान में हो चुकी हैं 2500 मौतें
ईरान में पिछले कुछ महीनों से विरोध प्रदर्शनों की खबरें लगातार आ रही हैं, जिनमें अब तक लगभग 2,500 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। अमेरिकी संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत और स्थानीय अशांति ने वहां की सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना दिया है। भारतीय दूतावास ने नागरिकों से विशेष रूप से यह भी कहा कि वे किसी भी सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा न बनें और सुरक्षित स्थान पर ही रहें। इस एडवाइजरी के बाद ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों, व्यापारियों और अन्य नागरिकों के लिए सुरक्षा और वापसी सर्वोपरि बन गई है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।