विपक्षी दलों के नेता मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक करीब 3 किलोमीटर पैदल मार्च कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
Knews Desk- चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों का विरोध लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेता संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाल रहे हैं। मार्च से पहले विपक्षी सांसद सुबह 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर जुटे।
मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता शामिल हैं। करीब 19 विपक्षी दल इस प्रदर्शन का हिस्सा हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी और DMK ने मार्च से दूरी बनाई है।
INDIA ब्लॉक के नेता करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचेंगे। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और चुनाव आयोग पर मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगा रहे हैं। विपक्षी दल इसे ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ के तौर पर आयोजित कर रहे हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संसद मार्ग, चुनाव आयोग कार्यालय और जंतर-मंतर समेत प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनमें 27 पुरुष कंपनियां और 4 महिला कंपनियां शामिल हैं।
इस मार्च का ऐलान 30 सितंबर को दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक के बाद किया गया था। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि विपक्षी सांसद मतदान की कथित चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।
जयराम रमेश के मुताबिक, 8 अक्टूबर तक INDIA गठबंधन की पार्टियां जिला स्तर पर पदयात्राएं और प्रदर्शन करेंगी। 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर बैठकें होंगी, जबकि 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य और जिला स्तर पर रैलियां तथा गांवों में चौपाल आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य उन 13.5 करोड़ मतदाताओं की जानकारी जुटाना भी है, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं।