KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ED ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले कुछ दिनों में एजेंसी ने राज्यभर में कई बड़े मामलों में छापेमारी, संपत्ति अटैचमेंट, समन और चार्जशीट दाखिल कर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
जांच के दायरे में भर्ती घोटाला, कोयला घोटाला, जमीन कब्जा, हवाला नेटवर्क, अवैध वसूली और फर्जी फंडिंग जैसे कई गंभीर मामले शामिल हैं। इन मामलों में नेताओं, सरकारी अधिकारियों, कारोबारियों और कथित संगठित अपराध से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।
2 अप्रैल 2026 को ED ने हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, विजयवाड़ा और रांची सहित कई शहरों में एक साथ 11 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई Indian Political Action Committee (IPAC) से जुड़े दफ्तरों और संबंधित कंपनियों पर की गई। जांच में डिजिटल और वित्तीय दस्तावेज मिले हैं, जिनसे मनी लॉन्ड्रिंग और संभावित हवाला नेटवर्क के संकेत मिले हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या चुनावी गतिविधियों के नाम पर अवैध फंडिंग की गई थी।
पूर्व शिक्षा मंत्री Partha Chatterjee एक बार फिर ED की जांच के दायरे में हैं। 11 अप्रैल 2026 को कोलकाता में उनके आवास और सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी हुई। यह कार्रवाई School Service Commission (SSC) भर्ती घोटाले से जुड़ी है। एजेंसी के मुताबिक, कई समन के बावजूद वे पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए।
कोलकाता में कुख्यात सिंडिकेट से जुड़े बिश्वजीत पोद्दार उर्फ “सोना पप्पू” के ठिकानों पर छापेमारी में भारी नकदी, सोना-चांदी और हथियार बरामद हुए। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क अवैध वसूली, जमीन कब्जा और निर्माण से जुड़े फर्जीवाड़े में शामिल था। आरोपी फिलहाल फरार है।
28 मार्च 2026 को ED ने कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने और उन्हें रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में बदलकर बेचने का मामला सामने आया। जांच एजेंसी ने कई बैंक खाते फ्रीज किए हैं और दर्जनों FIR के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
10 अप्रैल 2026 को ED ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर पाया कि सरकारी राशन सिस्टम का दुरुपयोग कर अनाज को बाजार और एक्सपोर्ट में बेचा गया। जांच में लाखों रुपये नकद और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।
कोयला खनन और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इस मामले में ED ने चार्जशीट दाखिल की है। जांच में खुलासा हुआ कि कोयला माफिया ने अवैध वसूली के जरिए करीब 650 करोड़ रुपये की कमाई की।
NRI कोटा मेडिकल एडमिशन घोटाले में करीब 85 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जांच चल रही है। वहीं South Point School से जुड़े फंड घोटाले में 18.5 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है।
एक निलंबित कस्टम अधिकारी पर भी 194 करोड़ रुपये के माल की गलत क्लियरेंस और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है, जिसमें उसकी संपत्ति अटैच की गई है।
इन सभी कार्रवाइयों के बीच राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। चुनाव से पहले ED की इस व्यापक कार्रवाई को कई लोग बड़ी सख्ती के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बता रहा है। फिलहाल ED की जांच कई स्तरों पर जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।