रामपुर में आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की कार्रवाई, 426 करोड़ की संपत्ति अटैच

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि मौजूदा बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है।

Knews Desk – प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोनल ऑफिस ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि एजेंसी ने आजम खान से जुड़ी जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये है, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है। यह कार्रवाई रामपुर के सिंघानखेड़ा और जौहर नगर में स्थित यूनिवर्सिटी परिसर तथा मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ी जमीन पर की गई है।

मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की स्थापना समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान ने की थी। आजम खान इस ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी हैं और जौहर यूनिवर्सिटी के मानद चांसलर भी हैं। रामपुर में स्थित इस विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी। ट्रस्ट विश्वविद्यालय के अलावा एक पब्लिक स्कूल भी संचालित करता है। ईडी की कार्रवाई इसी ट्रस्ट और उससे जुड़ी संपत्तियों की जांच का हिस्सा है।

इससे पहले 13 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय ने जेल में बंद आजम खान और उनके शैक्षणिक ट्रस्ट के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये के सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया गया और वित्तीय अनियमितताएं हुईं। इन आरोपों की जांच के तहत एजेंसी विभिन्न वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी।

इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने रामपुर में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें आजम खान के अलावा मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, दो निजी संस्थाओं और अन्य लोगों को नामजद किया गया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 के तहत आपराधिक साजिश, धारा 316(5) के तहत आपराधिक विश्वासघात और धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी समेत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। ये आरोप जांच का हिस्सा हैं और संबंधित पक्षों की कानूनी स्थिति का निर्धारण आगे की प्रक्रिया के आधार पर होगा।

ईडी ने इस जांच को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को 10 अक्टूबर को ईमेल भेजा था। इसमें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत आजम खान के खिलाफ जुटाई गई जानकारी और साक्ष्य साझा किए गए थे। एजेंसी ने इसके आधार पर नई एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और अब जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन तथा इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच करने की कार्रवाई की गई है।

आजम खान और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ पहले भी कई एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां इन मामलों में दर्ज शिकायतों, कथित वित्तीय अनियमितताओं और संपत्तियों के संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में यह तय होगा कि अटैच की गई संपत्तियों को लेकर जांच किस दिशा में बढ़ती है और संबंधित पक्षों की ओर से क्या जवाब दिया जाता है।

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