डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता का कार्यकाल 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है। 1992 बैच के अनुभवी IPS अधिकारी सिद्धनाथ गुप्ता आगामी 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले थे, लेकिन अब वे अगले छह महीनों तक राज्य की कानून-व्यवस्था की कमान संभालते रहेंगे। केंद्रीय कैबिनेट की ‘अपॉइंटमेंट कमिटी’ के सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, गृह मंत्रालय ने चुनाव के बीच स्थिरता बनाए रखने के लिए यह प्रस्ताव दिया था। इस फैसले को ‘ऑल इंडिया सर्विस (डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट्स) एक्ट, 1958’ के तहत “पब्लिक इंटरेस्ट” (जनहित) में लिया गया माना जा रहा है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव दुष्मंता नारीवाला को पत्र भेजकर इस निर्देश की आधिकारिक जानकारी दी।
चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के बाद बने थे DGP
गौरतलब है कि चुनाव शेड्यूल की घोषणा के बाद, निर्वाचन आयोग (EC) ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए थे। पूर्व DGP पीयूष पांडे को पद से हटाए जाने के बाद सिद्धनाथ गुप्ता को राज्य पुलिस का नया मुखिया नियुक्त किया गया था। सिद्धनाथ गुप्ता इससे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर और ADG (लॉ एंड ऑर्डर) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
पहले चरण की सफलता और दूसरे चरण की तैयारी
पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड तोड़ 93% मतदान हुआ था। आयोग ने संतोष व्यक्त किया है कि पहले चरण का चुनाव कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा और किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान (Re-polling) की आवश्यकता नहीं पड़ी। अब बुधवार को दूसरे चरण की वोटिंग होनी है। संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए ही DGP सिद्धनाथ गुप्ता के कार्यकाल को विस्तार दिया गया है, ताकि चुनावी प्रक्रिया के बीच नेतृत्व में कोई बदलाव न आए और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। केंद्र सरकार का यह कदम बंगाल चुनाव के अंतिम चरणों में सुरक्षा और प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है। 4 मई को आने वाले नतीजों से पहले, DGP सिद्धनाथ गुप्ता के कंधों पर राज्य में शांति बनाए रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।