चीन या पाकिस्तान…भारत के लिए बड़ा खतरा कौन? C-VOTER सर्वे में जनता ने दिया जवाब

KNEWS DESK – वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और खासकर ईरान से जुड़े हालातों ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। क्या यह टकराव तीसरे विश्व युद्ध की आहट है? क्या परमाणु खतरा करीब है? और इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर कितना पड़ेगा? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए C-VOTER ने मार्च महीने में एक बड़ा वॉर सर्वे किया, जिसमें देशभर के लोगों की राय जानी गई।

रूस पर ज्यादा भरोसा, अमेरिका पीछे

सर्वे में एक अहम सवाल यह था कि भारत को किस देश पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए। आंकड़ों के मुताबिक, जनता ने अमेरिका की तुलना में रूस को ज्यादा भरोसेमंद माना। मार्च के अलग-अलग हफ्तों में 67% से 73% तक लोगों ने रूस पर भरोसा जताया, जबकि अमेरिका पर भरोसा करने वालों की संख्या 10% से 14% के बीच रही।

चीन को बड़ा खतरा मानते हैं लोग

जब लोगों से पूछा गया कि भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा कौन है, तो जवाब में चीन का नाम सबसे आगे रहा। करीब 41% से 44% लोगों ने चीन को बड़ा खतरा बताया, जबकि पाकिस्तान को 30% से 34% लोगों ने खतरा माना।

विदेश नीति पर मिली मिश्रित लेकिन सकारात्मक राय

भारत की विदेश नीति को लेकर भी जनता की राय सामने आई। ज्यादातर लोगों ने कहा कि वे सरकार की विदेश नीति से संतुष्ट हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने “काफी हद तक” या “कुछ हद तक” संतुष्टि जताई, जबकि असंतुष्ट लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।

अर्थव्यवस्था पर असर की सबसे ज्यादा चिंता

सर्वे का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह रहा कि लोग इस वैश्विक तनाव का सबसे ज्यादा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर मानते हैं। करीब 45% से 50% लोगों का मानना है कि यदि हालात बिगड़ते हैं, तो इसका सीधा असर देश की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। इसके अलावा कुछ लोगों ने विदेश नीति और राजनीति पर भी प्रभाव की आशंका जताई।

क्या कहता है यह सर्वे?

यह सर्वे दिखाता है कि भारत की जनता वैश्विक हालातों को लेकर सतर्क है। जहां एक ओर रूस पर भरोसा जताया जा रहा है, वहीं चीन को लेकर चिंता भी साफ नजर आती है। साथ ही, लोग मानते हैं कि किसी भी बड़े युद्ध का सबसे बड़ा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

यह सर्वे मार्च के दूसरे, तीसरे और चौथे हफ्ते में देशभर के जिलों में फोन के जरिए किया गया, जिसका मार्जिन ऑफ एरर ±5% बताया गया है।

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