मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश के युवा और छात्र भारत की चुनावी व्यवस्था को अच्छी तरह समझते हैं और उन्हें चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भरोसा है।
Knews Desk- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इन दिनों उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने 20 जिलों के प्रिंसिपलों, शिक्षकों और छात्रों से संवाद किया और भारत की चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के Gen Z छात्र और युवा चुनाव व्यवस्था को लेकर जागरूक हैं और उन्हें इसकी पारदर्शिता पर गर्व है।
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत में चुनाव संविधान के प्रावधानों के तहत कराए जाते हैं। मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहती है। उनके मुताबिक, यही व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत करती है
CEC ने कहा कि भारत में करीब 97 करोड़ मतदाता हैं। उन्होंने इस संख्या की विशालता को बताते हुए कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की तस्वीर है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इतने बड़े लोकतांत्रिक तंत्र का हिस्सा हैं, यह अपने आप में गर्व की बात है।
चुनाव के दौरान 1.8 करोड़ लोगों की भूमिका
ज्ञानेश कुमार ने लोकसभा चुनाव के व्यापक स्तर का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान करीब 1.8 करोड़ लोग अलग-अलग जिम्मेदारियों में काम करते हैं। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी चुनावी व्यवस्थाओं में से एक बताया और कहा कि इतनी बड़ी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित करना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने ECI-NET का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एक साथ बड़ी संख्या में चुनावी कर्मचारियों के साथ संवाद किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि ECI ऐप को लेकर लोगों की पहुंच तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में इसके और व्यापक स्तर पर इस्तेमाल होने की उम्मीद है।
भारत सरकार सबसे बड़े नियोक्ताओं में शामिल
CEC ने भारत की प्रशासनिक व्यवस्था के आकार का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत सरकार के पास करीब 65 लाख कर्मचारियों का वर्कफोर्स है। इसकी तुलना उन्होंने दुनिया की बड़ी निजी कंपनियों से की और बताया कि चुनाव के दौरान कर्मचारियों की संख्या और जिम्मेदारियों के लिहाज से निर्वाचन आयोग का संचालन बेहद व्यापक हो जाता है।