MCD में कार्यवाही के दौरान आप व भाजपा पार्षदों के बीच हाथापाई.. हंगामे के चलते नही हो सका मेयर का चुनाव

MCD में मेयर चुनाव के मतदान के पहले ही आप पार्षदों ने जमकर हंगामा किया. पीठासीन अधिकारी के फैसले से ना खुश होकर आप पार्षदों ने जमकर हंगामा किया. जिसके बाद मेयर चुनाव के मतदान से पहले ही MCD की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया.

दिल्ली में लोकल सरकार के गठन से पहले ही आप पार्षदों ने MCD में जमकर हंगामा किया. वो पाठासीन के द्वारा मनोनित सदस्यों को पहले शपथ दिलाए जाने से नराज थे. उनकी मांग थी पहले निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाए। मतदान से पहले ही आप और बीजेपी पार्षदों के बीच धक्का मुक्की और हाथ पाई शुरू हो गई। आप के पार्षद नारेबाजी करने लगे कि ये बीजेपी की गुंडा-गर्दी है. जिसके बाद बीजेपी ने कहा कि आप चुनाव को लेकर डर गई है.

 

बीजेपी ने आप पार्षदों पर लगाए आरोप

दिल्ली बाजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप पार्षदों पर आरोप लगाते हुए कहा, आप को मेयर चुनाव में हार का डर लगने लगा है. हार की हताशा उनको चेहरों पर साफ रूप से दिखाई दे रही है. आप के सभी पार्षद गुंडे है. अगर आप के पार्षद हमारे पार्टी के पार्षदों के ऊपर कुर्सी से वार करेंगे. तो हमारे पार्षद अपनी सुरक्षा के लिए कुछ तो करेंगे ही. बीजेपी नेता और दिल्ली सासंद प्रवेश वर्मा ने भी आप पार्षदों पर आरोप लगते हुआ कहा, आप पार्षदों ने बीजेपी की महिला पार्षदों के साथ धक्का- मुक्की की है. आप के पार्षद नेशे में थे. जिन्होंने बीजेपी महिलाओं के साथ बदमीजी की है.

बीजेपी की महिला पार्षद ने बताया आप पार्षदों ने उनकी साथी पार्षद आनीता के साथ धक्का- मुक्की की साथ ही उनेक बाल खीच कर उनके साथ मारपीट भी की. जैसे हम सब शपथ के लेने के लिए मंच पर चढ़े. तो आप के पार्षद जमकर हंगामा करने लगे. हमने बहुत प्यार से कहा कि ऐसा ना करें सदन की गरिमा को बनाए रखे.

आप ने चुनाव प्रकिया पर लगाए आरोप

आप ने बीजेपी पर आरोप लगते हुए कहा कि बीजेपी ने चुनाव प्रक्रिया का मजाक बना दिया है. मनोनित सदस्य को मतदान का अधिकार देकर साजिश रची जा रही है. आप विधायक कुलदीप ने बीजेपी पर आरोप लगते हुए कहा मनोनित सदस्यों को चुनाव में मतदान का अधिकार नही दिया जाता है. इसके बाद भी  मनोनित सदस्यों को पहले शपथ के लिए बुलाया गया. साथ ही उन्होंने बाजेपी पार्षदों पर मारपीट और धक्का- मुक्की का भी आरोप लगाया है. विधायक पीठासीन अधिकारी की चुनाव हमेशा दिल्ली सरकार द्वारा किया जाता है. लेकिन अबकि सरकरा के नाम देने के बाद भी एलजी ने अपनी पसंद से पीठासीन अधिकारी बना दिया है.