Swami Vivekananda Jayanti: ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’…स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर पीएम मोदी , सीएम योगी और अखिलेश यादव ने किया याद

Swami Vivekananda Jayanti 2023: स्‍वामी विवेकानंद का जन्‍म 12 जनवरी 1863 को हुआ था | भारत में उनके जन्‍मदिन को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, स्वामी जी की बुद्धिमानी और हाजिर जवाबी की पूरी दुनिया कायल थी | उन्होंने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया | हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जंयती होती है जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। कम उम्र में सन्यासी बनने वाले स्वामी विकेकानंद ने 19वीं शताब्दी के अंत में विश्व मंच पर हिंदू धर्म को मजबूत पहचान दिलाई थी।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके विचार और आदर्श देशवासियों का हमेशा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, “स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर सादर नमन। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिकता और कर्मठता के लिए सदैव प्रेरित करता है। उनके महान विचार और आदर्श देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।”

सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को शुभकामनाएं दीं। स्वामी विवेकानंद की 160वीं जयंती के मौके पर सीएम योगी ने शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सनातन संस्कृति व भारतीय अध्यात्म परंपरा को वैश्विक क्षितिज पर पुनर्स्थापित करने वाले महान संन्यासी और युवाओं के आदर्श के रूप में याद किया।

मुख्यमंत्री योगी ने भी ट्वीट कर लिखा, गर्व से कहो- हम हिंदू हैं।’ सनातन संस्कृति व भारतीय अध्यात्म परंपरा को वैश्विक क्षितिज पर पुनर्स्थापित करने वाले महान संन्यासी, युवाओं के आदर्श, स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। सभी युवा साथियों को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं!


अखिलेश यादव ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि

स्वामी विवेकानंद की 160वीं जयंती पर सपा अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, ” स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सबसे बड़ी श्रद्धांजलि ये होगी कि सब अपने ‘विवेक’ का सक्रिय-सदुपयोग करें। विवेक की निष्क्रियता समाज को जड़ कर देती है, जिससे समाज नकारात्मकता, संकीर्णता, हिंसक मनोवृति और राजनीतिक स्वार्थ के छल-कपट का शिकार होकर कुंठित हो जाता है। भावपूर्ण नमन!”।