KNEWS DESK – मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि अब तक ईरान से 550 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
आर्मेनिया के सहयोग से हुआ रेस्क्यू
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इस अभियान में मदद के लिए Armenia की सरकार और वहां के लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण हालात में आर्मेनिया ने भारत का पूरा सहयोग किया। खासतौर पर आर्मेनिया के विदेश मंत्री Ararat Mirzoyan की भूमिका की भी उन्होंने सराहना की।
जयशंकर ने अपने पोस्ट में लिखा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में आर्मेनिया का सहयोग बेहद अहम रहा है और भारत इसके लिए आभारी है।
आर्मेनिया और दुबई के रास्ते भारत पहुंचे भारतीय
भारत सरकार के अनुसार, ईरान से निकाले गए भारतीय नागरिकों को पहले सड़क मार्ग के जरिए पड़ोसी देशों तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें हवाई मार्ग से भारत लाया गया। अधिकांश भारतीय Iran से निकलकर Armenia और Dubai के रास्ते नई दिल्ली पहुंचे।
इनमें बड़ी संख्या छात्रों की बताई जा रही है। दरअसल, कई भारतीय छात्र ईरान के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे थे और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वहीं फंस गए थे।
पड़ोसी देशों के जरिए निकासी की रणनीति
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना तैयार की है। इस योजना के तहत ईरान में मौजूद भारतीयों को पहले जमीनी रास्ते से पड़ोसी देशों जैसे Armenia और Azerbaijan तक पहुंचाया जा रहा है। वहां से उन्हें वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए भारत भेजा जा रहा है।
इसी बीच विदेश मंत्री S. Jaishankar ने Brussels में Cyprus के विदेश मंत्री Constantinos Kombos से मुलाकात भी की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और साइप्रस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।