KNEWS DESK: आगरा अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए दुनियाभर में मशहूर है, लेकिन इस शहर का एक ऐसा पहलू भी है जो रहस्य और डर से भरा हुआ है। यहां कई ऐसी जगहें मौजूद हैं, जिनके बारे में स्थानीय लोग दावा करते हैं कि शाम होते ही वहां अजीब सा सन्नाटा छा जाता है और अनजानी आवाजें सुनाई देने लगती हैं। इन स्थानों को लेकर तरह-तरह की कहानियां प्रचलित हैं, जो लोगों को रोमांचित भी करती हैं और डराती भी हैं।

सबसे पहले बात करें आगरा किला की, जो मुगलकालीन इतिहास का अहम गवाह रहा है। यह किला जहां शाही वैभव और सत्ता संघर्ष की कहानियां समेटे हुए है, वहीं इसके अंधेरे गलियारों और पुराने कैदखानों को लेकर कई रहस्यमयी किस्से भी सुनने को मिलते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रात के समय अजीब आवाजें सुनाई देती हैं, इसलिए शाम ढलते ही इस किले को खाली करा दिया जाता है।
शहर के प्रमुख इलाके में स्थित सेंट जॉन्स कॉलेज भी अपनी पुरानी इमारत और इतिहास के कारण चर्चाओं में रहता है। वर्ष 1850 में स्थापित इस कॉलेज के बारे में कहा जाता है कि यहां रात के समय अनजानी आवाजें सुनाई देती हैं और कुछ लोगों ने परछाइयां देखने का दावा भी किया है। यहां पहले हुई घटनाओं और असामयिक मौतों की कहानियों ने इस जगह को और भी रहस्यमयी बना दिया है। यमुना नदी के किनारे स्थित पोइया घाट को भी स्थानीय लोग भूतिया स्थानों में गिनते हैं। यह घाट लंबे समय से अंतिम संस्कार के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। लोगों का मानना है कि यहां रात के समय आत्माओं का वास होता है और कई बार अजीब परछाइयां दिखाई देती हैं। इसी वजह से शाम के बाद यहां सन्नाटा छा जाता है। कम चर्चित लेकिन रहस्यमयी जगहों में लाल ताजमहल (जॉन हेसिंग का मकबरा) का नाम भी शामिल है। यह एक पुराना मकबरा है, जहां कई अंग्रेजों और ईसाई धर्म से जुड़े लोगों की कब्रें मौजूद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय यहां अजीब आवाजें सुनाई देती हैं, जिसके चलते शाम के बाद यहां जाना लोग पसंद नहीं करते।
इसी तरह चीनी का रोजा भी एक ऐतिहासिक मकबरा है, जो अपनी खूबसूरत टाइलों के लिए जाना जाता है। हालांकि यहां पर्यटकों की भीड़ कम रहती है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां कभी-कभी अजीब आवाजें सुनाई देती हैं, जिससे यह जगह रहस्यमयी मानी जाती है। बुढ़िया का ताल भी ऐसी ही एक जगह है, जिसके बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं। कहा जाता है कि रात के समय यहां अजीबोगरीब आवाजें सुनाई देती हैं और कुछ लोगों ने यहां असामान्य घटनाएं होने का दावा भी किया है। यह स्थान ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ रहस्य का केंद्र भी बना हुआ है।
अंत में, बटेश्वर नाथ मंदिर का जिक्र भी जरूरी है, जो चंबल क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में एक लोककथा प्रचलित है कि इसका निर्माण एक ही रात में हुआ था। आसपास का घना जंगल और पुरानी कहानियां इस जगह को और भी रहस्यमयी बना देती हैं। इसी कारण कुछ लोग इसे “भूतेश्वर मंदिर” के नाम से भी जानते हैं।
इन सभी स्थानों की कहानियां भले ही डर और रहस्य से जुड़ी हों, लेकिन ये आगरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। सच और मान्यताओं के बीच झूलती ये कहानियां आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं और शहर के एक अलग, अनदेखे पहलू से रूबरू कराती हैं।