Dhanteras 2026: धनतेरस पर सोना, बर्तन, झाड़ू या धनिया खरीदा है? घर लाने के बाद सबसे पहले करें ये जरूरी काम

धनतेरस पर खरीदारी को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन लोग सोना-चांदी, नए बर्तन, झाड़ू और साबुत धनिया जैसी चीजें घर लाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन वस्तुओं को घर लाने के बाद विधि-विधान से पूजा करने से इनका शुभ प्रभाव बढ़ता है। जानिए धनतेरस पर खरीदी गई अलग-अलग चीजों के साथ घर पहुंचने के बाद क्या करना चाहिए।

KNEWS DESK- धनतेरस का पर्व दिवाली से पहले मनाया जाता है और इसे धन, आरोग्य एवं समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। धनतेरस पर लोग अपनी क्षमता के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू, धनिया और दूसरी शुभ वस्तुएं खरीदते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि आती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।

धनतेरस पर सिर्फ खरीदारी करना ही महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, बल्कि खरीदी गई वस्तुओं को घर लाने के बाद उनकी पूजा और सही तरीके से स्थापना करना भी शुभ माना जाता है। अगर आपने भी इस धनतेरस पर कोई नई वस्तु खरीदी है, तो उसे घर लाने के बाद कुछ विशेष तरीके अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं किस वस्तु के साथ क्या करना चाहिए।

धनतेरस पर खरीदी चीजों को घर लाने के बाद क्या करें?

धनतेरस पर खरीदी गई हर वस्तु को एक ही तरीके से रखने के बजाय उसकी प्रकृति के अनुसार पूजा करने की परंपरा है। इससे जुड़ी मान्यताएं इस प्रकार हैं।

नए बर्तनों के साथ क्या करें?

धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नए बर्तन को घर में खाली नहीं लाना चाहिए। घर में प्रवेश करने के बाद उसमें जल, चावल, चीनी या मिठाई जैसी कोई शुभ सामग्री रखी जा सकती है। इसके बाद नए बर्तन को पूजा स्थल पर रखकर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी का ध्यान करें। बर्तन पर रोली और अक्षत से तिलक लगाकर पूजा करें। इसके बाद इसे घर में उपयोग में लिया जा सकता है।

सोना-चांदी खरीदने के बाद क्या करें?

अगर आपने धनतेरस पर सोने या चांदी के आभूषण अथवा सिक्के खरीदे हैं, तो घर लाने के बाद सबसे पहले उन्हें शुद्ध करने की परंपरा है। इसके लिए गंगाजल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद सोने या चांदी की वस्तु को माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर के समक्ष रखें। रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करके पूजा करें। पूजा के बाद इसे लाल या पीले कपड़े में रखकर तिजोरी या उस स्थान पर रखा जा सकता है, जहां घर का धन रखा जाता है।

नई झाड़ू घर लाने पर क्या करें?

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता में झाड़ू को माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। नई झाड़ू घर लाने के बाद उस पर गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद मौली या कलावा बांधकर कुमकुम और अक्षत से पूजा करें। नई झाड़ू को ऐसी जगह रखने की सलाह दी जाती है, जहां बाहरी लोगों की नजर सीधे उस पर न पड़े। इसके बाद इससे घर की हल्की सफाई शुरू की जा सकती है। मान्यता के अनुसार धनतेरस या दिवाली से पहले नई झाड़ू का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद क्या करें?

धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है। इसे घर लाने के बाद सबसे पहले माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा में अर्पित किया जा सकता है। पूजा के बाद थोड़े से साबुत धनिए को साफ लाल या पीले कपड़े में बांधकर छोटी पोटली बना लें। इस पोटली को तिजोरी, अलमारी या घर में धन रखने वाले स्थान पर रखा जा सकता है। बचे हुए धनिए के कुछ बीजों को दीपावली की पूजा के बाद गमले, आंगन या बगीचे की मिट्टी में बोने की भी परंपरा है। वहीं कुछ धनिए का इस्तेमाल प्रसाद बनाने या भोजन में किया जा सकता है।

धनतेरस पर खरीदारी के साथ पूजा भी जरूरी

धनतेरस पर खरीदारी को शुभ माना जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरीदी गई वस्तुओं को सम्मानपूर्वक घर लाकर उनकी पूजा करना भी महत्वपूर्ण है। माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा के साथ इन वस्तुओं को रखने से घर में सकारात्मकता, सुख और समृद्धि बनी रहने की कामना की जाती है।

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