दिल्ली में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों को नए भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ दिल्ली कैंट स्थित शौर्य भवन और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन सेना भवन में नया कार्यालय संभालेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर के अंत तक साउथ ब्लॉक को पूरी तरह खाली करने की तैयारी है।
Knews Desk – देश की सैन्य व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों को नए भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ अपने प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर्स (PSOs) और वाइस चीफ के साथ दिल्ली कैंट स्थित नए शौर्य भवन में शिफ्ट होंगे। वहीं, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन सेना भवन में अपना नया कार्यालय संभालेंगे। इस बदलाव के तहत सेना के वॉर रूम और सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) का कार्यालय भी साउथ ब्लॉक से स्थानांतरित किया जा रहा है।
शौर्य भवन और सेना भवन बनेंगे नए कार्यालय
रिपोर्ट के अनुसार, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और उनके वरिष्ठ अधिकारी नवंबर के अंत तक शौर्य भवन में शिफ्ट हो जाएंगे। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन सेना भवन में अपना नया कार्यालय संभालेंगे। हालांकि, नौसेना के वॉर रूम को कहां स्थानांतरित किया जाएगा, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसके संचालन के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता होती है।
नौसेना के पास दिल्ली कैंट में नौसेना भवन भी है, जिसका उद्घाटन वर्ष 2024 में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, नौसेना का नया मुख्यालय पहले DRDO मुख्यालय के पास बनाने की योजना थी, लेकिन केंद्र सरकार की पुनर्विकास योजना के तहत नौसेना को वह जगह छोड़ने के लिए कहा गया है।
रक्षा मंत्रालय कुछ समय के लिए कर्तव्य भवन-2 में स्थानांतरित हो चुका है। भवन निर्माण का काम पूरा होने के बाद मंत्रालय के स्थायी रूप से कर्तव्य भवन-6 और 7 में जाने की योजना है। फिलहाल कर्तव्य भवन-2 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का कार्यालय है।
इस व्यवस्था के तहत नई इमारतों में स्थानांतरण पूरा होने तक थलसेना प्रमुख को रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के लिए कर्तव्य भवन-2 जाना पड़ सकता है।
राजनाथ सिंह ने सैन्य आधुनिकीकरण पर की बैठक
इसी बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय रक्षा बलों के आधुनिकीकरण को लेकर रक्षा मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमिटी की बैठक की। इसमें उभरती सुरक्षा चुनौतियों, युद्ध के बदलते तरीकों, तकनीकी प्रगति और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सेना को तैयार करने पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार मौजूदा और उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीक से लैस सैन्य बल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात हासिल करने का लक्ष्य भी बताया।
सैन्य अधिकारियों के कार्यालयों का स्थानांतरण प्रशासनिक और सैन्य कामकाज के नए केंद्रों की ओर बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है। नवंबर के अंत तक साउथ ब्लॉक खाली करने की तैयारी के बीच अब शिफ्टिंग की समयसीमा और संबंधित कार्यालयों की नई व्यवस्था पर नजर रहेगी।