चमोली के जोशीमठ के पास हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच उड़ान भरने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने कहा कि उड़ान के समय मौसम साफ था, लेकिन घाटी में पहुंचते ही अचानक मौसम बदल गया।
Knews Desk– बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे रवाना हुआ था। जोशीमठ के पास चाई-थैंग गांव की पहाड़ी से टकराने के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई। हादसे में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने चमोली और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद उड़ान की अनुमति मिलने पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
UCADA के मुताबिक, हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1:12 से 1:14 बजे के बीच बदरीनाथ से उड़ान भरी थी और उस समय मौसम साफ था। जोशीमठ घाटी में पहुंचने पर अचानक घने बादल छा गए। उड़ान के करीब 15 मिनट के भीतर हेलीकॉप्टर का कंट्रोल रूम और ट्रैकिंग सिस्टम से संपर्क टूट गया। हालांकि, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से मौसम खराब था और दोपहर में कुछ समय के लिए बादल छंटे थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद सेना, NDRF, SDRF, ITBP और पुलिस की टीमों ने दुर्गम वन क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, शवों को निकालकर ज्योतिर्मठ लाया जा रहा है।
हादसे में पायलट कैप्टन हिमांशु (48), बेंगलुरु के CCB इंस्पेक्टर अरुण सालुंके (44) और कर्नाटक के चार यात्रियों के. सुधीर (50), शंकर गौड़ा (39), एच.एस. नटराज (51) और प्रताप गौड़ा (41) की जान चली गई। घटना के बाद हादसे के कारणों और मौसम संबंधी सुरक्षा नियमों की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।