वाराणसी स्नातक खंड MLC चुनाव में सपा के आशुतोष सिन्हा प्रथम वरीयता के मतों में 16,990 वोटों से आगे हैं। हालांकि, जीत के लिए जरूरी मत नहीं मिलने के कारण अब दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती होगी।
Knews Desk– उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विधान परिषद की स्नातक सीट पर मतगणना को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी घमासान जारी है। करीब 48 घंटे से जारी मतगणना के बावजूद अंतिम नतीजा घोषित नहीं हुआ है। इसकी मुख्य वजह यह है कि प्रथम वरीयता के मतों में कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए जरूरी संख्या हासिल नहीं कर सका।
नौवें और अंतिम चक्र की प्रथम वरीयता मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा को 50,462 वोट मिले, जबकि बीजेपी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 33,472 वोट प्राप्त हुए। आशुतोष सिन्हा 16,990 वोटों से आगे हैं। कुल 1,18,000 मतों के आधार पर जीत के लिए 59,001 वोट जरूरी थे। अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद ही अंतिम परिणाम स्पष्ट होगा।
मतगणना में देरी को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नतीजे घोषित नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतगणना केंद्र पर डटे रहने और जीत का प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही वहां से हटने की अपील की।
वहीं, बीजेपी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने पांचवें चक्र की मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं ने दोबारा मतगणना की मांग करते हुए करीब पांच घंटे तक धरना दिया। इस दौरान ऑब्जर्वर को लेकर भी असमंजस सामने आया। बताया गया कि स्नातक खंड के ऑब्जर्वर जीसी प्रियदर्शी हैं, जबकि प्रांजल यादव शिक्षक खंड के ऑब्जर्वर थे। अब सभी की निगाहें दूसरी वरीयता के मतों की गिनती पर टिकी हैं, जिसके बाद ही वाराणसी स्नातक सीट का अंतिम परिणाम घोषित हो सकेगा।