Knews Desk– केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने विद्यार्थियों को शिक्षा के इतिहास, आधुनिक तकनीक और भविष्य में करियर की संभावनाओं से परिचित कराने के लिए एजुकेशन एक्सपीरियंस सेंटर तैयार किया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय छात्रों को अनुभव, गतिविधियों और तकनीक के माध्यम से सीखने का अवसर देना है। यहां भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा से लेकर डिजिटल क्लासरूम और भविष्य में उभरने वाले प्रोफेशन तक की जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध कराई जाएगी।करीब 6,000 वर्ग फीट में फैले इस सेंटर में 12 जोन और 21 एग्जिबिट्स बनाए गए हैं। यहां आने वाले विद्यार्थियों को RFID स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे। इन कार्ड की मदद से छात्र अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे और अपनी रुचि व जरूरत के अनुसार विभिन्न अनुभव हासिल कर सकेंगे। इस व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने का प्रयास किया गया है।
सेंटर में शिक्षा की यात्रा को समझाने के लिए ‘शिक्षा की कहानी’ नाम की फिल्म दिखाई जाएगी। इसकी शुरुआत सरस्वती नदी की आवाज के जरिए भारत में शिक्षा के विकास को प्रस्तुत करने से होती है। फिल्म में गुरुकुल परंपरा और नालंदा जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों से लेकर आधुनिक स्कूलों और डिजिटल क्लासरूम तक के बदलाव को दर्शाया गया है। इसके अलावा, पुरानी तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से CBSE के इतिहास को भी प्रदर्शित किया गया है। इसमें वर्ष 1935 के रिकॉर्ड भी शामिल हैं, जिनकी मदद से विद्यार्थी बोर्ड के ऐतिहासिक सफर को समझ सकेंगे।विद्यार्थियों को पृथ्वी के इतिहास और भूगर्भीय बदलावों की जानकारी देने के लिए एक इंटरैक्टिव टाइमलाइन तैयार की गई है। इसके जरिए वे लाखों वर्षों में पृथ्वी पर हुए बदलावों को समझ सकेंगे। वहीं, करियर से जुड़ी जानकारी के लिए करियर एक्सप्लोरर, फ्यूचर ऑफ प्रोफेशंस और मैजिक मिरर: फ्यूचर यू जैसे एग्जिबिट्स बनाए गए हैं। इनके माध्यम से छात्र अलग-अलग करियर विकल्पों और भविष्य में उभरने वाले प्रोफेशन के बारे में जान सकेंगे। इससे उन्हें अपनी रुचि और संभावनाओं को पहचानने में मदद मिलेगी।
इस एजुकेशन सेंटर में डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसी प्रमुख हस्तियों के होलोग्राम भी लगाए गए हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को बातचीत जैसा अनुभव देने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे इन हस्तियों के विचारों और योगदान को बेहतर तरीके से समझ सकें। इसके साथ ही परीक्षा के तनाव को ध्यान में रखते हुए ‘एग्जाम वॉरियर्स’ के लिए विशेष कियोस्क बनाया गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इसी नाम की किताब पर आधारित है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से निपटने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।सेंटर के अंतिम हिस्से को ‘एडुवर्स’ नाम दिया गया है। यहां विद्यार्थी जंगल, समुद्र, हिमालय, चंद्रमा और दूसरे ग्रहों का अनुभव कर सकेंगे। इस हिस्से के माध्यम से उन्हें प्रकृति के विभिन्न हिस्सों के बीच संबंध और पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका समझाने का प्रयास किया गया है।CBSE का यह एजुकेशन एक्सपीरियंस सेंटर विद्यार्थियों को इतिहास, विज्ञान, पर्यावरण और करियर से जुड़ी जानकारी सीखने का एक नया माध्यम उपलब्ध कराएगा। आधुनिक तकनीक और इंटरैक्टिव गतिविधियों के जरिए छात्र शिक्षा को अधिक रोचक और अनुभव-आधारित तरीके से समझ सकेंगे।