खरगे के बयान पर भड़के अमित शाह, बोले- PM मोदी के पिता पर टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दीं

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए कहा कि कांग्रेस में अब बस गाली-गलौज की राजनीति बची है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी खरगे के बयान की आलोचना की और कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की।

Knews Desk – बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने खरगे की टिप्पणी को अभद्र और अमर्यादित बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध के दौरान मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार को लेकर अपशब्द कहे हों। शाह ने आरोप लगाया कि कभी प्रधानमंत्री की मां के बारे में अपशब्द कहे गए, कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा गया, तो कभी ‘चायवाला’ कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया गया।

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 12 वर्षों में लगातार चुनावी हार से कांग्रेस में हताशा और निराशा बढ़ी है। शाह के मुताबिक, पार्टी के पास अब न कोई नीति बची है और न कोई मुद्दा, बल्कि गाली-गलौज की राजनीति ही रह गई है। उन्होंने कहा कि जब-जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार पर टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने पार्टी को जवाब दिया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी खरगे के बयान की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है। नबीन ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर स्वर्गीय परिजनों को भाषणों में घसीटना राहुल गांधी और विपक्ष की कार्यशैली बनता जा रहा है।

नितिन नबीन ने आरोप लगाया कि जब विपक्ष के पास विकास, नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा करने के लिए ठोस मुद्दे नहीं होते, तो वह व्यक्तिगत आक्षेपों का सहारा लेता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस तरह की राजनीति को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के प्रति की गई टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस अपनी राजनीतिक खुन्नस प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार पर टिप्पणियों के माध्यम से निकाल रही है। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति ऐसी बयानबाजी राजनीतिक संस्कारों की कमी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध किया जा सकता है, लेकिन मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी खरगे के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करना कांग्रेस और राहुल गांधी की दुर्भावना को दर्शाता है। सम्राट चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से इस टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की।

भाजपा नेता रामेश्वर शर्मा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में अराजकता का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता को सार्वजनिक मंच पर बोलते समय संसदीय मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।

खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं के लगातार हमलों से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा ने जहां इस बयान को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अमर्यादित टिप्पणी बताया है, वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आने पर राजनीतिक बहस आगे बढ़ सकती है।

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