न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हादसे का शिकार हुए पठानकोट निवासी रोमांच महाजन के नाम पर अमेरिका में नया कानून बनाया गया है। राइडर लॉ के नाम से जाना जाने वाला यह कानून अब रोमांच लॉ कहलाएगा। इसके साथ ही न्यूयॉर्क की सड़कों पर दशकों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही पारंपरिक घोड़ा-बग्गियों का सफर खत्म होने जा रहा है।
Knews Desk- रोमांच लॉ विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में बहुमत से पारित हुआ। इसके पक्ष में 49 में से 40 वोट पड़े, जबकि 7 सदस्यों ने विरोध किया और 2 मतदान से दूर रहे। रोमांच के पिता दीपक महाजन के अनुसार, यह विधेयक काउंसिल सदस्य क्रिस्टोफर मार्टे ने प्रायोजित किया था। मेयर जोहरान ममदानी और स्पीकर जूली मेनिन की सहमति के बाद इसे मंजूरी मिली। गुरुवार देर रात कानून पारित होने से पहले रोमांच की याद में मौन भी रखा गया।
18 वर्षीय रोमांच अपने परिवार के साथ अमेरिका घूमने गया था। सेंट्रल पार्क में जिस बग्गी में वह बैठा था, उसका घोड़ा अचानक बिदक गया और बग्गी लेकर भागने लगा। इस दौरान उसकी मां प्रिया नीचे गिर गईं। उन्हें बचाने के लिए रोमांच ने भी छलांग लगा दी। हादसे में प्रिया को हल्की चोटें आईं, जबकि सिर पर गंभीर चोट लगने से रोमांच की मौत हो गई।
इस घटना के बाद न्यूयॉर्क में कई संस्थाओं और नेताओं ने राइडर लॉ का नाम रोमांच के नाम पर रखने की मांग उठाई। सर्वेक्षणों के अनुसार, न्यूयॉर्क के 70 प्रतिशत नागरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग बंद करने के पक्ष में हैं। घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर काम करना पड़ता है, जिससे उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। हादसों और प्रदूषण से जुड़े जोखिम भी इस उद्योग पर सवाल उठाते रहे हैं।
रोमांच को मरणोपरांत एक और सम्मान मिला है। पशु अधिकार संगठन पेटा ने अपने मुख्यालय स्थित ‘ट्री ऑफ लाइफ’ मेमोरियल में उनकी स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं।