उठा दिलेर मेहंदी विवाद,सियासत में बवाल ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, देवभूमि उत्तराखंड में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन जहां आस्था को बढ़ावा देते हैं, वहीं अब यही आयोजन सियासी बहस का अखाड़ा बनते जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों पहले बद्रीनाथ धाम में हुए कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद के बाद अब टिहरी के कुंजापुरी मेले में मशहूर गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर विवाद गहरा गया है। नवरात्रों पर आयोजित धार्मिक मेले में दलेर मेहंदी के लाइव परफॉर्मेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए और दलेर मेहंदी पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाते हुए बीच में ही गाना रोकने को कहा। मंत्री ने उनकी लड़खड़ाती आवाज और अंदाज पर आपत्ति जताई, जबकि दलेर मेहंदी ने नशे से इनकार किया और चुनौती दी कि साबित होने पर वह गाना छोड़ देंगे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला और सियासी हो गया। दलेर मेहंदी के समर्थन में उनके भाई मीका सिंह और अनुपम खेर जैसे बॉलीवुड दिग्गज उतर आए। उनका कहना है कि दलेर कभी शराब को हाथ नहीं लगाते, वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और हाल ही में बड़ी सर्जरी के बाद रिकवर कर रहे हैं। हालांकि एक तरफ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने जहाँ दलेर मेहंदी पर आरोप लगाए है, वही मुख्यमंत्री धामी ने दलेर मेहंदी से मिलकर बात करने की बात कर रहे हैं। उधर अब सवाल धार्मिक आयोजनों की मर्यादा और कलाकारों के सम्मान से आगे निकलकर सरकार की जवाबदेही पर आ टिका है। जब विपक्ष ने मंत्री के व्यवहार को उत्तराखंड की संस्कृति के विरुद्ध बताकर सरकार को घेरा है। जिसके बाद यह विवाद अब संस्कृति बनाम सियासत की नई बहस बन गया है।

दलेर मेहंदी विवाद इन दिनों सुर्खियों में हैं. इसे लेकर फिल्मी सितारे दलेर मेहंदी के सपोर्ट में उतर रहे हैं. दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह, कपिल शर्मा, राजपाल यादव सभी ने दलेर मेहंदी का बचाव किया है. इस मामले में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी सफाई दे चुके हैं. अब दलेर मेहंदी विवाद पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान आया है.सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी विवाद को लेकर बयान दिया. सीएम धामी ने कहा उस समय शायद जनता का दबाव रहा होगा. शायद इसलिए ऐसा हुआ है. उन्होंने कहा इस मामले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने खुद आगे आकर कहा है कि उन्हें उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी नहीं थी. उन्होंने दलेर मेहंदी बड़े कलाकार हैं. उत्तराखंड कलाकारों का सम्मान करने वाली धरती है.वही इस पर विपक्ष ने भी मंत्री के व्यवहार को लेकर सत्ता पक्ष से जवाब मांगते हुए कैबिनेट मंत्री से माफ़ी मांगने की बात कही है.ताकि प्रदेश में इस तरह की हरकत भविष्य में किसी अतिथि से न हो जिस पर अब जम कर राजनीति अपने चरम पर देखने को मिल रही है।आइए पहले आपको दिखते है विवाद की वजह बना वायरल वीडियो। 

   

कुल मिलाकर, प्रदेश के टिहरी में दलेर मेहंदी के कार्यक्रम से शुरू हुआ यह विवाद अब एक कलाकार के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देवभूमि के धार्मिक आयोजनों की गरिमा और सरकारी व्यवस्था पर सवाल बन गया है। एक तरफ कैबिनेट मंत्री की मंच पर फटकार को धार्मिक भावनाओं की रक्षा बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे अतिथि देवो भवः की संस्कृति के खिलाफ बता रहा है। सरकार के लिए यह मामला अब केवल एक मेले का नहीं, बल्कि अपनी छवि और सांस्कृतिक प्रबंधन का बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार इस विवाद पर कोई स्पष्ट नीति लाती है या यह मामला सियासी आरोप प्रत्यारोप में ही उलझ कर रह जाता है।

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