महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती, डोमिनोज के दो आउटलेट समेत 11 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों के उल्लंघन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत 11 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनमें डोमिनोज पिज्जा के दो आउटलेट भी शामिल हैं। जांच के दौरान खाद्य सामग्री भी जब्त की गई है।

Knews Desk – महाराष्ट्र में खाने-पीने की दुकानों और रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत FDA ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। इनमें डोमिनोज पिज्जा के दो आउटलेट भी शामिल हैं।

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

जांच में साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़ी खामियां

खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण और रसोई के रखरखाव से संबंधित नियमों की जांच की गई। महाराष्ट्र FDA ने पहले भी कई प्रतिष्ठानों में कीटों की मौजूदगी, गंदे बर्तनों, अनुचित भंडारण और शाकाहारी तथा मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग नहीं रखने जैसी कमियां मिलने पर कार्रवाई की है।

खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रतिष्ठानों को रसोई और खाद्य सामग्री की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

खाद्य सामग्री भी की गई जब्त

लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के साथ खाद्य सामग्री भी जब्त की गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर संदेह होने पर उनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

FDA का उद्देश्य असुरक्षित या नियमों के विपरीत रखे गए खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन की जरूरत

महाराष्ट्र में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के बीच कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन करना जरूरी है। निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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