हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर गुरुग्राम समेत कई इलाकों में देखने को मिला। बिजली आपूर्ति बाधित होने से रिहायशी क्षेत्रों और औद्योगिक इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। कर्मचारी निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं।
Knews Desk – गुरुग्राम के कई रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में बिजली के साथ पानी की उपलब्धता और मोबाइल फोन चार्ज करने जैसी जरूरतों पर भी असर पड़ा।
रिपोर्टों के मुताबिक, सेक्टर-5, सेक्टर-7, पालम विहार, दौलताबाद और पुराने गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि, सभी प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल होने का कोई एक निश्चित समय सामने नहीं आया है।
निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में हड़ताल
हरियाणा के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने 19 अक्टूबर को कंपनी को 25 साल के लिए यह लाइसेंस दिया था।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस फैसले से सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है।
सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के दिए निर्देश
हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए हरियाणा सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आम लोगों को परेशानी से बचाने और बिजली व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर दिया।
सरकार ने जरूरत पड़ने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पड़ोसी राज्यों के बिजली कर्मचारियों की सेवाएं लेने की भी बात कही है। बिजली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और संवेदनशील स्थानों की निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।
बिजली वितरण लाइसेंस के फैसले को चुनौती देगी सरकार
हरियाणा सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने के फैसले को विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में चुनौती देने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारी संगठनों से जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापस लेने की अपील भी की है।
फिलहाल, हड़ताल के बीच बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। प्रभावित इलाकों में बिजली बहाली का समय स्थानीय खराबी और मरम्मत व्यवस्था पर निर्भर करेगा।