जौनपुर: आचार संहिता उल्लंघन केस में सपा विधायक रागिनी सोनकर के खिलाफ NBW जारी, 22 अक्टूबर को सुनवाई

Knews Desk– यह मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मछलीशहर में कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 के नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। इस मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय एवं एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश अनुज कुमार जौहर की अदालत में चल रही है। कोर्ट ने आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था। हालांकि, निर्धारित तारीख पर कुछ आरोपियों के अनुपस्थित रहने के बाद अदालत ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया।

जानकारी के मुताबिक, पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। शनिवार को सरवर राईन और मोहम्मद मुश्ताक अदालत में उपस्थित हुए, जबकि विधायक डॉ. रागिनी सोनकर, राजेश यादव और कैलाश सोनकर अनुपस्थित रहे। अदालत ने मामले की पत्रावली में दर्ज किया कि आरोपियों के बयान दर्ज किए जाने हैं, लेकिन बार-बार निर्देश देने के बावजूद कुछ आरोपी पेश नहीं हो रहे हैं। इसी आधार पर गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने की कार्रवाई की गई। बताया गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस मामले का जल्द निस्तारण करने का निर्देश दिया है।इस मामले में 17 फरवरी 2022 को तत्कालीन सपा प्रत्याशी डॉ. रागिनी सोनकर और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 125 समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया था। इस मामले में सरवर राईन, मोहम्मद मुश्ताक, राजेश यादव और कैलाश सोनकर के नाम भी शामिल हैं। मछलीशहर थाने में पांच नामजद आरोपियों के साथ करीब 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस की ओर से दर्ज मामले के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उपनिरीक्षक सकलदीप सिंह अपनी टीम के साथ मछलीशहर कस्बे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद थे। आरोप है कि शाम करीब 5:55 बजे डॉ. रागिनी सोनकर अपने समर्थकों के साथ कई वाहनों और पैदल चुंगी चौराहे से सब्जी मंडी तिराहे की ओर निकलीं। इस दौरान झंडे और बैनर लहराए गए और आवागमन बाधित हुआ। पुलिस का आरोप था कि जुलूस के दौरान चुनाव आयोग के निर्देशों और कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया, जबकि नियमों के बारे में जानकारी दी गई थी।पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद अब आरोपियों के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। शनिवार को विधायक डॉ. रागिनी सोनकर और कैलाश सोनकर की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि विधानसभा की बैठक के सिलसिले में लखनऊ जाने के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने सुनवाई स्थगित करने की मांग की, लेकिन अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया और गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी।

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