हायर एजुकेशन में AI की भूमिका पर मंथन, BHU और IIT कानपुर समेत 3 संस्थान करेंगे राष्ट्रीय वर्कशॉप।

Knews Desk– उच्च शिक्षा में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल पढ़ाई, शोध और परीक्षा मूल्यांकन को किस तरह प्रभावित कर रहा है, इस पर चर्चा करने के लिए यह राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में AI के व्यावहारिक इस्तेमाल, उसकी सीमाओं और उससे मिलने वाले लाभों को समझना है। साथ ही, यह भी विचार किया जाएगा कि तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षकों की भूमिका और विद्यार्थियों को मिलने वाला मानवीय मार्गदर्शन किस तरह बनाए रखा जा सकता है।इस कार्यशाला का आयोजन IIT कानपुर के शैक्षिक अनुसंधान एवं शिक्षण उत्कृष्टता केंद्र (CERTEX) की ओर से अन्य संस्थानों के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम 24 अक्टूबर 2026 को IIT कानपुर के L17 लेक्चर हॉल परिसर में ऑफलाइन आयोजित होगा। इसमें उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षण संस्थानों में AI के जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल को लेकर समझ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

वर्कशॉप में पढ़ाई और परीक्षा मूल्यांकन में AI की भूमिका प्रमुख विषयों में शामिल होगी। चर्चा की जाएगी कि AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल करके शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से कक्षाओं में होने वाले बदलावों पर भी विचार किया जाएगा। AI की मदद से विद्यार्थियों को सीखने में किस तरह सहायता मिल सकती है और शिक्षकों के काम को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, यह भी चर्चा का हिस्सा होगा।परीक्षा और असाइनमेंट के मूल्यांकन में AI के इस्तेमाल को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं। तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों की वास्तविक समझ, ज्ञान और क्षमताओं का आकलन कैसे किया जाए, इस पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, AI टूल्स के इस्तेमाल से शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इसका उद्देश्य यह समझना है कि तकनीक का उपयोग करते समय विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक क्षमता का सही आकलन कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है।

कार्यशाला में AI के नैतिक और जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा में तकनीक का उपयोग करते समय मानवीय मूल्यों, शिक्षक-विद्यार्थी संवाद और व्यक्तिगत मार्गदर्शन की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहती है। ऐसे में यह समझने की कोशिश की जाएगी कि AI के लाभों का उपयोग करते हुए शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और मानवीय पक्ष को किस तरह मजबूत रखा जा सकता है।इस राष्ट्रीय कार्यशाला में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक, फैकल्टी सदस्य, शोधकर्ता, स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थी, शोधार्थी तथा शिक्षा प्रशासक भाग ले सकते हैं। इसके अलावा, नीति निर्माण और शिक्षा प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्योगों के पेशेवरों के लिए भी यह कार्यक्रम उपयोगी होगा।BHU, IIT कानपुर और CSJMU की इस पहल के जरिए उच्च शिक्षा में AI के बढ़ते इस्तेमाल पर विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। कार्यशाला में सामने आने वाले विचार शिक्षण संस्थानों को तकनीक के प्रभावी उपयोग, परीक्षा मूल्यांकन और जिम्मेदार AI आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद कर सकते हैं।

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