Knews Desk भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व सलामी बल्लेबाज पूनम राउत ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। मुंबई से आने वाली पूनम ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी कर अपने संन्यास की घोषणा की। उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। पूनम पिछले करीब पांच साल से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर थीं। इस दौरान वह घरेलू क्रिकेट में भी सक्रिय नहीं रहीं और उन्हें महिला प्रीमियर लीग (WPL) में खेलने का अवसर भी नहीं मिला।
पूनम राउत का इंटरनेशनल करियर भले ही अब समाप्त हो गया है, लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने खासतौर पर वनडे क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाई। साल 2017 में इंग्लैंड में आयोजित महिला वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में पूनम ने 86 रन की पारी खेली थी। हालांकि, भारतीय टीम को इस रोमांचक मुकाबले में करीबी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद पूनम की पारी टूर्नामेंट के यादगार प्रदर्शनों में शामिल रही।पूनम के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड है। उन्होंने भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर साल 2017 में आयरलैंड के खिलाफ पहले विकेट के लिए 320 रन जोड़े थे। इस ऐतिहासिक साझेदारी में पूनम ने 108 रन बनाए थे। महिला वनडे क्रिकेट में यह 300 से अधिक रन की एकमात्र साझेदारी रही है। इस प्रदर्शन ने भारतीय महिला क्रिकेट में दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी को खास पहचान दिलाई।
पूनम राउत ने साल 2009 में वनडे क्रिकेट से अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। इसी साल उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भी कदम रखा। उनका टी20 करियर 2014 में समाप्त हो गया, जबकि इसी वर्ष उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद वह 2021 तक भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। करीब 12 साल के इंटरनेशनल करियर में उन्होंने तीनों प्रारूपों में अपनी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।आंकड़ों की बात करें तो पूनम ने भारत के लिए चार टेस्ट मैच खेले और एक शतक की मदद से 264 रन बनाए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 73 मुकाबलों में 2299 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 15 अर्धशतक शामिल रहे। वहीं, 35 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उनके नाम चार अर्धशतकों की मदद से 719 रन दर्ज हैं।पूनम राउत का संन्यास भारतीय महिला क्रिकेट के एक अनुभवी खिलाड़ी के इंटरनेशनल सफर का अंत है। वर्ल्ड कप फाइनल की यादगार पारी और दीप्ति शर्मा के साथ रिकॉर्ड साझेदारी उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाएंगी। अब उनके इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई के साथ भारतीय महिला टीम के लिए उनके योगदान को याद किया जाएगा।