Knews Desk उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 21 वर्षीय निशांत शाक्य के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कन्नौज जिले के सौरिख क्षेत्र का रहने वाला था और विश्वविद्यालय में एमसीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। निशांत नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित हॉस्टल में अपने रूम पार्टनर के साथ रहता था।जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को निशांत का रूम पार्टनर किसी काम से बाहर गया हुआ था। जब वह वापस लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उसे अनहोनी की आशंका हुई और उसने खिड़की से कमरे के अंदर झांका। वहां निशांत का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका दिखाई दिया। यह देखकर रूम पार्टनर के होश उड़ गए। उसने तत्काल हॉस्टल संचालक को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा तोड़कर छात्र के शव को नीचे उतारा गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने कमरे का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल छात्र की मौत के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने निशांत का मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिया है। इन उपकरणों की जांच के जरिए उसके संपर्कों, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया चैट की पड़ताल की जा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सके।
नॉलेज पार्क थाना प्रभारी विनोद कुमार के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने निशांत के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में हुई इस घटना से छात्र समुदाय और परिवार के बीच चिंता का माहौल है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निशांत किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और घटना से पहले क्या हुआ था। मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।