Knews Desk- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने चुनावी व्यवस्था, वोट चोरी और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में पूरा विपक्ष एकजुट है। ज्ञानेश कुमार ने पूरे चुनावी सिस्टम को तहस-नहस कर दिया है और एक तरह से लोकतंत्र की हत्या हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सफल रहा है और लोकतंत्र बहाल होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन नहीं रुकेगा।
राहुल गांधी ने अपने आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के लिए हाई टी बैठक आयोजित की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, टीएमसी सांसद सागरिका घोष, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई नेता शामिल हुए।
बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका, वोट चोरी के आरोप और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। खरगे ने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर देश की जनता बेहद गंभीर है और पूरा विपक्ष एकजुट है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की, जबकि टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि उन्हें हटाए जाने तक लड़ाई जारी रहेगी। आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने प्रदर्शन के अधिकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों के अधिकार कुचले जा रहे हैं।
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इस आंदोलन में सिविल सोसायटी तथा किसान संगठन भी शामिल होंगे। सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने विपक्षी गठबंधन के साथ खड़े रहने की बात कही। वहीं, सुप्रिया सुले और वामपंथी नेता डी राजा ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने 12 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन में लोगों की भारी भागीदारी को इंडिया गठबंधन के समर्थन का संकेत बताया।