KNEWS DESK- मुंबई में नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में गैर-हिंदुओं की भागीदारी को लेकर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के सामने आने के बाद धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक परंपराओं और आयोजकों के प्रवेश नियमों को लेकर बहस शुरू हो गई है। बीजेपी नेताओं ने धार्मिक परंपराओं और आयोजकों के नियमों का सम्मान करने पर जोर दिया है।
सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में एक मुस्लिम युवक के अपनी हिंदू महिला मित्र के साथ गरबा कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा का जिक्र है। पोस्ट के मुताबिक, महिला मित्र ने उसे अपनी दो बहनों को साथ लाने का सुझाव दिया, ताकि उसके दो हिंदू मित्र भी कार्यक्रम में शामिल हो सकें। दावा किया गया कि इस सुझाव पर युवक ने नाराजगी जताई।
बीजेपी के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने कहा कि गरबा में शामिल होने वाले लोगों को नवरात्रि के धार्मिक महत्व को समझना चाहिए और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की उपासना और पर्व के महत्व को समझते हुए आने वाले लोगों का स्वागत किया जाना चाहिए।
वहीं, बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने गरबा आयोजनों में कथित तौर पर लव जिहाद जैसी गतिविधियों की आशंका जताई। उन्होंने आयोजनों में प्रवेश के नियम सख्त करने और गलत मंशा से आने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई। हालांकि, ये आरोप उनके बयान का हिस्सा हैं और इन्हें किसी समुदाय के सभी लोगों पर लागू नहीं माना जा सकता।
मुंबई के बोरीवली में गरबा कार्यक्रम के सह-आयोजक अखिलेश चौबे ने कहा कि उनका मंडल गैर-हिंदुओं के गरबा में शामिल होने का विरोध नहीं करता। उन्होंने धार्मिक पवित्रता, अनुशासन और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा बनाए रखने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, किसी की मंशा गलत पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी बीच, मलाड वेस्ट के रामलीला मैदान में आयोजित नवरात्रि उत्सव में प्रवेश के लिए तिलक और हाथ में कलावा बांधने की व्यवस्था की जानकारी सामने आई है। आयोजकों बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर और एडवोकेट सिद्धार्थ शर्मा का कहना है कि मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और सम्मान रखने वाले लोगों का स्वागत है।
गरबा में प्रवेश के नियमों और धार्मिक परंपराओं को लेकर जारी यह बहस धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ले आई है।