वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से बाजार में बहार, सेंसेक्स 1100 अंक उछला

शेयर बाजार में 13 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1109 अंक चढ़कर 73,000 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी में 358 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। LTCG टैक्स और STT को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सकारात्मक रुख से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। वहीं, आईटी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी और HCLTech के बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार को मजबूती दी।

Knews Desk- भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर को शानदार रिकवरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में 1.5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स 1109 अंक उछलकर 73,000 के स्तर के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 358 अंक चढ़कर 22,722 पर बंद हुआ। बाजार में इस तेजी के पीछे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणियों, आईटी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन और निचले स्तरों पर निवेशकों की खरीदारी को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर अहम बातें कहीं। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार आगामी बजट पर चर्चा के दौरान LTCG टैक्स हटाने से जुड़े सुझावों और विचारों को सुनने के लिए तैयार है।

दरअसल, घरेलू और विदेशी निवेशक लंबे समय से इक्विटी पर लगने वाले टैक्स को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। वित्त मंत्री ने STT को लेकर जारी बहस का भी जिक्र किया। इसके साथ ही अलग-अलग एसेट क्लास पर समान कर व्यवस्था लागू करने से जुड़े मुद्दे पर चर्चा को सकारात्मक बताया।

वर्तमान व्यवस्था के तहत 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए लिस्टेड इक्विटी शेयरों से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी टैक्स लगता है। हालांकि, एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक का ऐसा मुनाफा टैक्स से मुक्त है। टैक्स व्यवस्था में संभावित बदलाव को लेकर वित्त मंत्री के बयान से निवेशकों के बीच उम्मीद बढ़ी, जिसका असर बाजार की चाल पर भी दिखाई दिया।

IT शेयरों में तेजी से बाजार को मिला सहारा

मंगलवार को बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर की भूमिका सबसे अहम रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 4 फीसदी तक की उछाल दर्ज की गई। टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 2 से 5 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिली।

एचसीएल टेक के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 4.9 फीसदी तक चढ़ गए। कंपनी ने अपने तिमाही नतीजों में 21.2 फीसदी की वृद्धि के साथ 5,132 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा। कंपनी की एडवांस एआई सेवाओं से होने वाली सालाना आय भी बढ़कर 219 मिलियन डॉलर पहुंच गई।

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कंपनी के स्थिर आउटलुक को देखते हुए इसकी रेटिंग अपग्रेड की। वहीं, चोलामंडलम सिक्योरिटीज के धर्मेश कांत के मुताबिक, आईटी कंपनियों की कमाई को लेकर बाजार में बनी चिंताएं अब कम होती नजर आ रही हैं। इस वजह से भी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

इंडिया VIX में गिरावट से निवेशकों को राहत

बाजार में तेजी के साथ अस्थिरता के संकेतक इंडिया VIX में भी गिरावट आई। यह करीब 7.5 फीसदी टूटकर 14.12 पर आ गया। VIX में गिरावट को बाजार में निकट अवधि के जोखिम को लेकर निवेशकों की आशंकाओं में कमी के संकेत के रूप में देखा जाता है।

इसके अलावा निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। एफएमसीजी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 1.2 फीसदी चढ़ा, जबकि आईटीसी में 0.4 फीसदी की तेजी रही। इससे बाजार की तेजी को कई सेक्टरों से समर्थन मिला।

निफ्टी के लिए कौन से स्तर अहम?

बाजार के तकनीकी विश्लेषकों की नजर अब निफ्टी के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर है। थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के गौरव उड़ानी के मुताबिक, अगर निफ्टी 22,350 से 22,400 के सपोर्ट जोन को बनाए रखने में सफल रहता है, तो इसमें 22,600 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है।

वहीं, बजाज ब्रोकिंग के पबित्रो मुखर्जी के अनुसार, निफ्टी फिलहाल 22,180 से 22,650 के दायरे में कारोबार कर रहा है। उनके मुताबिक, 22,650 के स्तर के ऊपर मजबूती से निकलने के बाद ही बाजार में बड़ी तेजी की संभावनाएं और मजबूत होंगी।

रिन्यूएबल एनर्जी और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर भी जोर

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री ने भारत में निवेश के नए अवसरों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि निजी निवेश का रुझान रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार एडवांस और कम एडवांस, दोनों तरह के चिप के निर्माण पर काम कर रही है।

देश में बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) जैसी संस्थाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे टैक्स नीतियों को लेकर बनी उम्मीदें, आईटी कंपनियों के बेहतर नतीजे और निचले स्तरों पर खरीदारी प्रमुख कारक रहे। हालांकि, निफ्टी की आगे की दिशा काफी हद तक अहम तकनीकी स्तरों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।

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